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Rourkela News: काजू की खेती से आत्मनिर्भर बना नुआगांव का किसान दंपती

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Rourkela News: काजू की खेती से आत्मनिर्भर बना नुआगांव का किसान दंपती

Rourkela News: सुंदरगढ़ जिले के नुआगांव ब्लॉक की मेनमेना ग्राम पंचायत के रोकेडेगा गांव के एक किसान दंपती छटन सिंह और उनकी पत्नी लक्ष्मी सिंह काजू की खेती से न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि, दूसरों के लिए मिसाल कायम की है. इस दंपती ने आठ एकड़ जमीन में काजू के 5,000 से ज्यादा पेड़ लगाये और आज लाखों रुपये कमा रहे हैं.

10 साल पहले ऑर्गेनिक तरीके से शुरू की काजू की खेती

छटन सिंह पढ़े-लिखे किसान हैं. ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने नौकरी करने के बजाय कई तरह की सब्जियां उगानी शुरू की. पहले उन्होंने पारंपरिक तरीकों से सरकारी योजनाओं के तहत कई तरह की खेती शुरू की, लेकिन इससे ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा था. उन्होंने कुछ अलग करने की सोची. खेती में सफलता पाने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया यूट्यूब देखा. उसके बाद, उन्होंने पारंपरिक खेती के तरीकों को छोड़ दिया और 10 साल पहले ऑर्गेनिक तरीके से काजू की खेती शुरू कर दी. काजू की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे रिश्तेदारों और दोस्तों को देखने के बाद उनकी भी इसके प्रति रुचि बढ़ी. उन्होंने कहा कि अगर सोच अच्छी और इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो इंसान क्या नहीं कर सकता. उन्होंने गांव में न केवल खुद काजू की खेती शुरू की, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया.

पिछले साल 15 क्विंटल काजू का हुआ था उत्पादन, इस बार बेहतर पैदावार की उम्मीद

किसान दंपती छटन व लक्ष्मी ने पिछले साल 15 क्विंटल से ज्यादा काजू का उत्पादन किया था, लेकिन इस बार उन्हें ज्यादा मुनाफे की उम्मीद है. आठ एकड़ में लगे काजू के 5000 से ज्यादा पेड़ अब बड़े हो गये हैं और अच्छे साइज के फल दे रहे हैं. इस काम में छटन सिंह को पत्नी का पूरा साथ मिलता है. इतनी फायदेमंद खेती करके उन्होंने खुद भी लाभ कमाया है और आस-पास के पांच लोगों को रोजगार भी दिया है. किसान दंपती की इस पहल की आस-पास के इलाके में सराहना हो रही है.

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