Bhubaneswar News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) देश के युवाओं को केवल सफल करियर की दिशा ही नहीं दे रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्रसेवा, नेतृत्व और चरित्र निर्माण के लिए भी प्रेरित कर रही है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह बातें कही. वे भुवनेश्वर स्थित शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान विश्वविद्यालय में अभाविप द्वारा आयोजित भव्य नागरिक अभिनंद समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री माझी के साथ मंच पर अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी, ओडिशा (पूर्वी) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ देवेश शंकर होता, ओडिशा (पूर्वी) प्रदेश सचिव दीप्तिमयी प्रतिहारी, रिसेप्शन समिति अध्यक्ष प्रबोध मोहंती तथा महासचिव अजय अग्रवाल उपस्थित थे.
देशभर से आये छात्र प्रतिनिधियों और युवा नेताओं का स्वागत किया
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में आयोजित हो रही अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के लिए देशभर से आये छात्र प्रतिनिधियों और युवा नेताओं का स्वागत किया. उन्होंने भुवनेश्वर को ओडिशा की ‘मंदिर नगरी’ तथा भगवान जगन्नाथ, कला, संस्कृति और वैदिक परंपरा की पवित्र भूमि बताते हुए कहा कि यह शहर युवा नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित राष्ट्रीय आयोजन के लिए एक आदर्श स्थल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभाविप अपने ‘ज्ञान, चरित्र और एकता’ के मूल मंत्र के आधार पर निरंतर छात्र हित, राष्ट्रीय हित और सामाजिक जागरूकता के लिए कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए. उद्यमिता, नवाचार और युवा नेतृत्व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे. मुख्यमंत्री ने संगठन के ‘ स्क्रिन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह छात्रों को सामाजिक सेवा, पर्यावरण जागरुकता, खेलकूद और समाज में रचनात्मक सहभागिता की ओर प्रेरित कर रहा है. उन्होंने कहा कि 1949 में स्थापना के बाद से अभाविप ने न केवल छात्र नेतृत्व तैयार किया है, बल्कि राष्ट्रवादी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पित जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में भी योगदान दिया है.