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Home झारखण्ड पश्चिमी सिंहभूम नोवामुंडी की चार आदिवासी बच्चियां तमिलनाडु में बंधक, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार

नोवामुंडी की चार आदिवासी बच्चियां तमिलनाडु में बंधक, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार

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नोवामुंडी की चार आदिवासी बच्चियां तमिलनाडु में बंधक, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार
विधायक सोनाराम सिंकु (बाएं) से मुलाकात करते ग्रामीण और स्थानीय नेता. फोटो: प्रभात खबर

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Girls Trafficking Case: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड के महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव में रहने वाली चार आदिवासी बच्चियों के कथित अपहरण और बंधक बनाने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि इन बच्चियों को रोजगार दिलाने के नाम पर तमिलनाडु ले जाया गया और वहां से उन्हें वापस अपने घर लौटने नहीं दिया जा रहा है. ग्रामीणों ने जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु से मिलकर तुरंत संज्ञान लेने और बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है.

तमिलनाडु में बीमार हैं बच्चियां

ग्रामीणों ने बताया कि तमिलनाडु में बंधक बनाई गईं बच्चियां बीमार है. उन्हें पेट में दर्द की शिकायत है. उन्होंने बताया कि ये सारी बच्चियां काफी भयभीत भी हैं. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कुछ लोग भोले-भाले आदिवासी परिवारों को छल और फरेब में फंसा कर बाहर ले जा रहे हैं.

विधायक ने डीएसपी को दी जानकारी

विधायक सोनाराम सिंकु ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत क्षेत्र के डीएसपी को इसकी सूचना दी. डीएसपी उन्होंने त्वरित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि बच्चियों को सुरक्षित उनके परिवार के पास लाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं.

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बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि

विधायक ने साफ किया कि क्षेत्र की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस दौरान मौके पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु, युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मामूर अंसारी, प्रखंड उपाध्यक्ष सूरज चंपिया, प्रखंड महासचिव प्रदीप प्रधान, रोशन पान, दानिश हुसैन, और अन्य स्थानीय नेता उपस्थित थे.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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