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Home झारखण्ड पश्चिमी सिंहभूम नोवामुंडी में अकीदत के साथ अता की गई ईद की नमाज, रोजदारों ने अमन-चैन की मांगी दुआ

नोवामुंडी में अकीदत के साथ अता की गई ईद की नमाज, रोजदारों ने अमन-चैन की मांगी दुआ

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नोवामुंडी में अकीदत के साथ अता की गई ईद की नमाज, रोजदारों ने अमन-चैन की मांगी दुआ
नोवामुंडी की मस्जिद में ईद की नमाज अता करते रोजेदार. फोटो: प्रभात खबर

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Eid Namaz Novamundi: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में शनिवार की सुबह ईद का पर्व पूरे उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया. सुबह होते ही रोजेदार नए कपड़ों में सजकर मस्जिदों की ओर रवाना हुए. हर तरफ खुशियों और भाईचारे का माहौल देखने को मिला. नमाज से पहले लोगों ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद भी दी.

रोजेदारों ने अदा की ईद की नमाज

सुबह निर्धारित समय पर मस्जिदों और ईदगाहों में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने ईद की नमाज अता की. नमाज के दौरान सभी ने अल्लाह से देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी. नमाज का यह दृश्य आपसी एकता और धार्मिक सौहार्द का प्रतीक बनकर सामने आया.

चांद दिखने के बाद मनाया गया ईद का त्योहार

गुरुवार को देश के किसी भी हिस्से में चांद नजर नहीं आया था, जिससे ईद की तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ था. हालांकि शुक्रवार को अलविदा जुम्मे की नमाज के बाद शाम को चांद नजर आया. इसके बाद यह तय हो गया कि शनिवार को ईद मनाई जाएगी. इसी के तहत आज सुबह ईद की नमाज अता की गई.

मस्जिदों में हुई तकरीर, बताया गया रोजे का महत्व

ईद की नमाज के बाद मस्जिदों में तकरीर (धार्मिक प्रवचन) का आयोजन किया गया. इसमें मौलवियों और इमामों ने रोजे के महत्व, त्याग, सब्र और इंसानियत के संदेश पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि रमजान का महीना आत्मशुद्धि और भलाई का संदेश देता है.

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भाईचारे और सौहार्द का संदेश

ईद के इस पावन अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और समाज में प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दिया. नमाज के साथ ही शहर में ईद का त्योहार शुरू हो गया, जो दिनभर खुशियों और मेल-मिलाप के साथ मनाया गया.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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