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Home झारखण्ड पश्चिमी सिंहभूम उच्च शिक्षा का हाल : कार्यालय कर्मी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर इंचार्ज

उच्च शिक्षा का हाल : कार्यालय कर्मी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर इंचार्ज

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उच्च शिक्षा का हाल : कार्यालय कर्मी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर इंचार्ज

प्रतिनिधि, चाईबासा

आदिवासी बहुल क्षेत्र कोल्हान प्रमंडल में उच्च शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. कॉलेजों में शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज पढ़ाई की नहीं, बस डिग्री बांटने के केंद्र बन गये हैं. कोल्हान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वर्ष 2017 में एक साथ छह डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की. इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को खुशी हुई कि अब घर के आसपास उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी. हालांकि, सात साल बाद भी कॉलेजों में कार्यालय कर्मी बहाल नहीं किये गये हैं. ऐसे में प्रोफेसर इंचार्ज को कार्यालय कर्मचारी की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है. इससे कॉलेजों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं. कार्यालय के कई कार्य प्रभावित होते हैं. विद्यार्थी भी उचित शिक्षण के अभाव में परेशान हो रहे हैं.

जिन विषयों में विद्यार्थी नहीं, उनमें शिक्षक बहाल

हालांकि, विवि प्रबंधन ने बिना योजना के शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया है. कॉलेजों में ऐसे विषयों के शिक्षक उपलब्ध कराये गये हैं, जिसमें विद्यार्थी ही नहीं हैं. वहीं, जिन विषयों में विद्यार्थी हैं, उक्त विषय के शिक्षक नहीं हैं. उक्त किसी डिग्री कॉलेज में कार्यालय कार्य करने के लिए कर्मी बहाल नहीं किये गये हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर, लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं

हालांकि, नये कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी सुविधाएं) बेहतर है. शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों के अतिरिक्त चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की कमी है. ऐसे में साफ-सफाई व अन्य कार्य प्रभावित होते हैं. हाल में बंदगांव व हाटगम्हरिया में एक-एक डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा सरकार ने की है.

कोल्हान विवि के नये कॉलेज

1. महिला महाविद्यालय, सरायकेला2. माॅडल महिला कॉलेज, खरसावां

3. डिग्री कॉलेज बुरुडीह, सरायकेला-खरसावां4. जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज, जगन्नाथपुर

5. मनोहरपुर डिग्री कॉलेज, मनोहरपुर6. मझगांव डिग्री कॉलेज, मझगांव

केस-01 : जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज

यहां प्रोफसर इंचार्ज के अलावा दो अन्य शिक्षक हैं. नीड बेस्ड तीन शिक्षक भी कार्यरत हैं. कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या लगभग एक हजार है. कॉलेज में एक भी कार्यालय कर्मी बहाल नहीं हैं. मानदेय नहीं मिलने की वजह से आउटसोर्स कर्मी आने से कतराते हैं. आर्ट्स व कॉमर्स की पढ़ाई के लिए शुरू हो गयी, पर साइंस की पढ़ाई शुरू नहीं हो पायी है.

केस-02 : मझगांव डिग्री कॉलेज

मझगांव डिग्री कॉलेज में प्रो. इंचार्ज के अलावा एक स्थायी शिक्षक व नीड बेस्ड चार शिक्षक सेवा दे रहे हैं. कॉलेज में अबतक कार्यालय कर्मी की बहाली नहीं हुई है. वर्तमान में साइंस आर्ट्स व कॉमर्स की पढ़ाई की व्यवस्था की गयी है. साइंस में न कोई शिक्षक हैं और ना ही किसी ने नामांकन लिया है.

केस-03 : मनोहरपुर डिग्री कॉलेज

मनोहरपुर डिग्री कॉलेज में प्रो. इंचार्ज के अलावा वनस्पति विज्ञान के एक शिक्षक हैं. वहीं, नीड बेस्ड तीन शिक्षक कार्यरत हैं. कॉलेज में साइंस (विज्ञान) की पढ़ाई नहीं होती है. कार्यालय कर्मी के अभाव में प्रोफेसर इंचार्ज ही इस कार्य को संभाल रहे हैं. कॉलेज में 100 से अधिक कंप्यूटर पड़े हैं. ये उपयोगिता के अभाव में धूल फांक रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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