[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड सिमडेगा दृढ़ीकरण संस्कार परंपरा नहीं, एक आध्यात्मिक जिम्मेदारी है : बिशप

दृढ़ीकरण संस्कार परंपरा नहीं, एक आध्यात्मिक जिम्मेदारी है : बिशप

0
दृढ़ीकरण संस्कार परंपरा नहीं, एक आध्यात्मिक जिम्मेदारी है : बिशप

बानो. प्रखंड के कोहिपाट गांव स्थित चर्च परिसर में छोटानागपुर डायोसिस रांची के तत्वावधान में दृढ़ीकरण संस्कार कार्यक्रम हुआ. मौके पर बिशप स्वामी की अगुवाई में 53 युवक-युवतियों को पवित्र दृढ़ीकरण संस्कार ग्रहण कराया गया, जिसमें 14 बालक व 39 बालिकाएं शामिल हैं. कार्यक्रम की शुरुआत विशेष मिस्सा पूजा के साथ हुई. दृढ़ीकरण संस्कार प्राप्त करने वाले युवक-युवतियों के परिजनों ने उन्हें माला पहना कर, गुलदस्ता भेंट कर और उपहार देकर सम्मानित किया. मौके पर बिशप स्वामी ने कहा कि आज से आप लोग प्रभु यीशु मसीह के सच्चे अनुयायी बन गये हैं. यह दृढ़ीकरण संस्कार केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जिम्मेदारी है. आप सभी को प्रभु के बताये मार्ग पर चलना है. अपने जीवन में संयम, सेवा व सत्य को अपनाना है. अपने माता-पिता की सेवा करना, बुजुर्गों का सम्मान करना और समाज में एक आदर्श बन कर रहना आपकी सबसे बड़ी साधना होगी. उन्होंने कहा कि आज के युग में युवा पीढ़ी को धर्म के प्रति जागरूक और निष्ठावान रहना अत्यंत आवश्यक है. मौके पर जिप सदस्य बिरजो कंडुलना, निर्मल समद, पादरी मनोहर बिम्बो, प्रचारक सुलेमान बारला, वाल्टर लुगून, फिल्मोहन तोपनो, एमानुएल जोजो, लुकास जोजो, कोषाध्यक्ष प्रभु दयाल जोजो और सचिव सुशील डांग आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel