सिमडेगा. जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस मौके पर ईदगाह में सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की गयी. नमाज में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. सिमडेगा ईदगाह में मौलाना मो तौफीक ने नमाज अदा करायी और खुतबा पढ़ा. लोगों ने अमन और चैन की दुआ मांगी. नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान अपने पूर्वजों के लिए दुआ करने पहुंचे. इसके बाद सभी ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दी और घर-घर जाकर व्यंजनों का आनंद लिया. ईदगाह में अपने संदेश में मौलाना मो तौफीक ने कहा कि अपने व्यवहार को सही रखें और हराम-हलाल का ध्यान रखें, तभी रोजा और नमाज कबूल होंगे. उन्होंने कहा कि किसी को तकलीफ न पहुंचाएं और इंसानियत को अपनाएं. दूसरों की मदद करें और सभी मजहब के लोगों के लिए अच्छा सोचें. उन्होंने देश से प्रेम करने और उसकी सुरक्षा का भी संदेश दिया. साथ ही कहा कि रमजान की तरह ही हर दिन अल्लाह के बताये रास्ते पर चलने की कोशिश करें. उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और बच्चों को सही शिक्षा देने की सलाह दी. रजा मस्जिद में भी सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की गयी. यहां हाफिज मो गुफरान रजा ने नमाज करायी. मौलाना रौशनुल कादरी ने कहा कि ईद, रमजान के रोजों के बाद मिलने वाला अल्लाह का तोहफा है. इस दिन प्रेम और भाईचारे का संदेश देना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुश्मनों को भी गले लगाकर मोहब्बत का पैगाम देना चाहिए. ईद के मौके पर लोगों में खास उत्साह देखा गया. बच्चे विशेष रूप से खुश नजर आये. सभी लोग सुबह नहा-धोकर नये कपड़े पहनकर ईदगाह पहुंचे और नमाज अदा की.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामईद को लेकर ईदगाह और मस्जिदों में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये. ईदगाह के पास बीडीओ, एसडीपीओ प्रभात ज्ञानी रंजन, एसपीपीओ बैजु उरांव, थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी और पुलिस बल तैनात रहे.