[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड सिमडेगा रामरेखा धाम सनातन संस्कृति की आत्मा

रामरेखा धाम सनातन संस्कृति की आत्मा

0
रामरेखा धाम सनातन संस्कृति की आत्मा

सिमडेगा. श्री रामरेखा धाम में आयोजित दिवसीय माघ पूर्णिमा मेला श्रद्धा, भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ. मेले का समापन हवन-पूजन, विद्यार्जन, सत्संग, नाम-जप व भंडारे के साथ किया गया. समापन अवसर पर धाम परिसर हरि नाम के जयघोष, भक्ति गीतों व श्रद्धालुओं की आस्था से गुंजायमान रहा. मेले के तीसरे एवं अंतिम दिन प्रातः चौबीस घंटे तक चले अखंड हरिकीर्तन एवं नाम-जप का विधिवत समापन हुआ. इसके पश्चात पारंपरिक दधी भंजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने रंग-अबीर लगा कर, फाग गीत गाते हुए और नृत्य करते हुए फागुन ऋतु का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया. पूरा वातावरण भक्ति व लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया. प्रातःकाल से ही रामरेखा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भक्तों ने पावन स्नान-ध्यान कर भगवान श्रीराम के दर्शन किए, संत-महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा सत्संग के माध्यम से आध्यात्मिक मार्गदर्शन लिया. मेले के दौरान आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने स्थानीय लोककला न परंपरा की अनुपम झलक प्रस्तुत की, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना भी सुदृढ़ हुई. रामरेखा धाम सनातन परंपरा का एक पावन एवं ऐतिहासिक केंद्र है, जहां भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन का सजीव अनुभव होता है. समापन पर सत्संग भवन में धाम के पदाधिकारियों द्वारा सभी संत-महात्माओं का माल्यार्पण कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया. विधिवत आरती उतारी गयी. इसके बाद रामरेखा धाम विकास समिति के अध्यक्ष सह महंत अखंड दास जी महाराज ने कहा कि रामरेखा धाम सनातन संस्कृति की आत्मा है. यहां होने वाले धार्मिक आयोजन समाज को संस्कारवान और एकजुट बनाने का कार्य करते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सभी समाजों को आपसी मतभेद भुला कर सनातन धर्म की मजबूती के लिए एकजुट होना चाहिए. उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से धर्म, संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया. अंत में रामरेखा धाम विकास समिति की ओर से माघ पूर्णिमा मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी संत-महात्माओं, कार्यकर्ताओं, सेवकों, प्रशासन एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार जताया गया. भंडारा के साथ मेले का शांतिपूर्ण और श्रद्धामय समापन हुआ.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel