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हमारे त्योहार, गीत व नृत्य ही हमें विशेष बनाते हैं:जोसिमा खाखा

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हमारे त्योहार, गीत व नृत्य ही हमें विशेष बनाते हैं:जोसिमा खाखा

सिमडेगा. केरसई में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा उपस्थित थीं. मौके पर विभिन्न नृत्य मंडलियों के बीच आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता के दौरान अखाड़ा में आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली. प्रतियोगिता में चयनित सफल नृत्य मंडलियों को जोसिमा खाखा ने विधायक भूषण बाड़ा के सौजन्य से मांदर और डेग देकर सम्मानित किया. जोसिमा खाखा ने विश्व आदिवासी दिवस को आदिवासियों की पहचान व संस्कृति का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हमारी परंपराएं आज भी जीवित हैं और नयी पीढ़ी उन्हें सीख रही है. विधायक भूषण बाड़ा ने हमेशा आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए काम किया है. हम सभी को मिलकर आदिवासी विरासत को बचाना है.उन्होंने कहा कि हमारे त्योहार, हमारे गीत, हमारे नृत्य ही हमें विशेष बनाते हैं. आज के दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी भाषा, अपने पहनावे और अपने रीति-रिवाजों को कभी खत्म नहीं होने देंगे. संस्कृति का संरक्षण केवल सरकार या जनप्रतिनिधियों का काम नहीं, बल्कि हर परिवार, हर युवा, और हर समुदाय की जिम्मेदारी है. जिप सदस्य समरोम पौल तोपनो और प्रेमा बाड़ा ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है. आदिवासी संस्कृति पर भी कई तरह के दबाव हैं. लेकिन हमें गर्व है कि हमारा समाज अब भी अपनी जड़ों से जुड़ा है. विश्व आदिवासी दिवस हमें याद दिलाता है कि हम सिर्फ अपनी परंपरा के रक्षक नहीं, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक भी हैं.कार्यक्रम में उप प्रमुख सिलबेसतर बघवार, मुखिया मूंस खेस, मुखिया बसंती लकड़ा, मुखिया अगुस्ता डुंगडुंग, मुखिया राहुल रोहित तिग्गा, पूर्व मुखिया आसरेन केरकेट्टा, पादरी जस्टीन एक्का, थाना प्रभारी जितेंद्र, संदीप तिग्गा, अरविंद लुगून, अनूप मिंज, एंथोनी तिग्गा, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा, शोभेन तिग्गा, जूली लुगून, विजय किंडो, अंजलि रानी टोप्पो, रश्मि केरकेट्टा, पोनसियन कुजुर, अशोक तिर्की, रोशन संजय कुमार, असरानी एक्का सहित हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे.

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