सिमडेगा. संत जेवियर्स कॉलेज सिमडेगा के सेमिनार हॉल में फादर कामिल बुल्के मासिक व्याख्यान श्रृंखला की छठी कड़ी का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया. कार्यक्रम का विषय मुंडा जनजाति की पहचान, परंपरा और शासन रहा, जिस पर वक्ताओं ने विभिन्न आयामों से अपने विचार प्रस्तुत किये. कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ सुनील केरकेट्टा के स्वागत भाषण से हुआ. इसके बाद प्राचार्य डॉ फादर रोशन बा: ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में छात्रों को अपनी संस्कृति, तकनीक व भाषा पर मजबूत पकड़ बनानी चाहिए. यही ज्ञान व समझ आगे चल कर उनके लिए सफलता के नये द्वार खोलेगी. मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सहायक प्राध्यापक प्रतिमा परधिया ने मुंडा समाज की पहचान, परंपराओं और प्रशासनिक संरचना पर सारगर्भित व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि आज जनजातीय अखाड़ों व परंपरागत संस्थाओं को सुरक्षित रखने की जरूरत है, ताकि एक-दूसरे की संस्कृति को समझा जा सके और बेहतर संवाद स्थापित हो सके. व्याख्यान का उद्देश्य छात्रों को अपने इतिहास, समृद्ध संस्कृति व पारंपरिक शासन व्यवस्था से परिचित कराना तथा हीन भावना से मुक्त करना भी था. कार्यक्रम के दौरान परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने सक्रिय सहभागिता निभायी. मंच संचालन मुक्ति टोप्पो ने किया, कार्यक्रम के अंत में शेखर डुंगडुंग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.