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स्थानीय भाषा में मिले योजनाओं की जानकारी : विधायक

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स्थानीय भाषा में मिले योजनाओं की जानकारी : विधायक

सिमडेगा. भूषण बाड़ा ने विधानसभा सत्र में जिले की भाषा के मुद्दे को उठाया. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या यह सही है कि सिमडेगा जिला भाषाई पिछड़ेपन के कारण सरकारी योजनाओं, फॉर्म, आदेश और नोटिफिकेशन की भाषा समझने में कठिनाई झेल रही है, जिससे ग्रामीण व आदिम-आदिवासी समुदाय सरकारी लाभ से वंचित हो रहे हैं. विधायक ने कहा कि जिले में सादरी, मुंडारी, उरांव और खड़िया जैसी स्थानीय भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं. जबकि अधिकांश सरकारी पत्राचार हिंदी व अंग्रेजी में होते हैं. ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में लोग दस्तावेजों का अर्थ नहीं समझ पाते, जिसका लाभ बिचौलिये उठाते हैं और आम जनता को भ्रमित कर उनके अधिकारों से वंचित कर देते हैं. उन्होंने कहा कि भाषा की बाधा के कारण लाभार्थियों को पेंशन, राशन, आवास व अन्य योजनाओं की प्रक्रिया समझ नहीं आती. परिणामस्वरूप लोग वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं. भूषण बाड़ा ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि यदि यह समस्या स्वीकार्य है, तो क्या राज्य सरकार सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी स्थानीय भाषाओं सादरी, मुंडारी, उरांव और खड़िया में उपलब्ध कराने के लिए स्थायी तंत्र स्थापित करेगी. यदि हां तो कब तक अन्यथा क्यों नहीं. सरकार की ओर से इस विषय पर विचार करने की बात कही गयी.

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