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लॉकडाउन में खेल हो रहा खराब : खिलाड़ी

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लॉकडाउन में खेल हो रहा खराब : खिलाड़ी

सिमडेगा : सिमडेगा जिला के एक छोटे से गांव कोरोमिया डोंगाडूबा महतो टोली के एली तिर्की, प्रमोदिनी लकड़ा, प्रेमिका लकड़ा, प्रेमिका लकड़ा, उजिला तिर्की, अलीशा टोप्पो, माधुरी मिंज, अमोस तिर्की, नेलसन बरवा, सुजीत, विनित टोप्पो, राकेश बड़ा, सुमन बरवा, फ्लाबियुश तिर्की, असीम तिर्की, निलेश तिर्की आदि अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आवासीय केंद्रों में जगह बनायी है.

केंद्र में ही रह कर पूरे साल ट्रेनिंग लेकर झारखंड टीम से खेलते हुए राज्य के लिए पदक जीत रहे हैं. कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में दस्तक दे रहे हैं, किंतु लॉकडाउन के कारण मार्च के तीसरे सप्ताह से ही सभी आवासीय केंद्र बंद हो गये हैं, जिससे सभी खिलाड़ी अपने घरों में ही हैं और खेल छोड़ कर खेती बारी का कार्य कर रहे हैं.

उनकी समस्या को जाने के लिए हॉकी सिमडेगा के महासचिव मनोज कोनबेगी , विजय तिर्की एवं प्रतिमा तिर्की ने गांव पहुंच कर खिलाड़ियों से मुलाकात की तथा सभी खिलाड़ियों की समस्याओं से अवगत हुए. राष्ट्रीय प्रतियोगिता में झारखंड टीम से खेलती हुए पदक जीत चुकी गुमला सेंटर की हॉकी खिलाड़ी प्रमोदिनी लकड़ा ने कहा कि घर में पौस्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है.

अभ्यास भी नहीं हो पा रहा है, जिससे खेल खराब हो रहा है. यदि सेंटर खुलता, तो हमारा अभ्यास जारी रहता है. यही स्थिति रही, तो हमारा पूरा खेल ही समाप्त हो जायेगा तथा भारतीय टीम में जाने का मेरा सपना अधूरा ही रह जायेगा. रांची स्थित एकलव्य हॉकी सेंटर की एली तिर्की ने कहा कि घर मे रह कर पूरा खेल खत्म हो जा रहा है.

अभ्यास के अभाव में खेल में भी पदक जीत नही पायेंगे. इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास करने वाली गुमला सेंटर की अनीषा टोप्पो ने कहा कि हॉस्टल बंद हो जाने से खेल से लेकर शरीर भी कमजोर होता जा रहा है. साईं हजारीबाग सेंटर के अमोस तिर्की ने भी कहा कि घर मे रह कर खेल समाप्त होता जा रहा है. लातेहार सेंटर के नेलशन बरवा ने कहा कि यदि हॉस्टल खुल जाता, तो अभ्यास करने का मौका मिल जाता, इस दौरान सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए अभ्यास करते.

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