सिमडेगा. विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी बचाव एवं पुनर्वास अभियान 4.0 के तहत सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड स्थित एक होटल में कार्यरत बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया. यह संयुक्त कार्रवाई श्रम अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में श्रम विभाग द्वारा संचालित की गयी. अभियान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , बाल कल्याण समिति के सदस्य मुकेश कुमार, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के प्रतिनिधि सूरज कुमार, चाइल्डलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा छोटानागपुर कल्याण निकेतन की टीमों ने सक्रिय सहयोग किया. छापेमारी के दौरान एक नाबालिग बालक को होटल में कार्य करते हुए पाया गया. कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बालक से श्रम कराया जा रहा था, जो बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है. इसके बाद संबंधित बालक को तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया तथा नियोक्ता के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी. रेस्क्यू के बाद बालक को पुनर्वास, शिक्षा और अन्य आवश्यक सरकारी सुविधाओं से जोड़ने की पहल की गयी है, ताकि उसे सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके. इस अवसर पर श्रम अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.