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मशरूम की खेती कर किसानों के लिए बन गये हैं प्रेरणास्रोत

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मशरूम की खेती कर किसानों के लिए बन गये हैं प्रेरणास्रोत

बानो. बानो प्रखंड के ग्राम छोटकाडुइल के ग्राम प्रधान हरिकिशोर साय व दामिनी देवी ने मशरूम खेती को एक अवसर के रूप में अपनाया है. वह मशरूम की खेती कर किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं. हरि किशोर साय व दामिनी देवी ने मशरूम खेती का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने घर में ही कम स्थान और कम लागत में मशरूम उत्पादन की शुरुआत की. घर के अंदर उपलब्ध स्थान का उपयोग किया तथा कम लागत में आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की. प्रशिक्षण में सीखी गयी तकनीकों का पालन किया, जिससे नियमित देखभाल व समय पर कटाई करने के साथ मशरूम की खेती में बढ़ोतरी होने लगी. अब तक लगभग 20 हजार मूल्य का मशरूम स्थानीय बाजार में विक्रय कर चुके हैं. हरि किशोर साय का कहना है कि मशरूम की खेती बहुत सरल है. इसे कोई भी किसान या परिवार कम पूंजी में शुरू कर सकता है. यह आजीविका का एक बेहतर विकल्प बन सकता है. हरिकिशोर साय गांव के अन्य किसानों को भी मशरूम खेती से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. साथ ही वह गांव स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आजीविका से लाभान्वित हो सके.

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