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Home झारखण्ड सरायकेला-खरसावाँ कागजों में अटका विकास! सरायकेला में 2.48 रुपये लाख की नाली योजना अधर में लटकी

कागजों में अटका विकास! सरायकेला में 2.48 रुपये लाख की नाली योजना अधर में लटकी

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कागजों में अटका विकास! सरायकेला में 2.48 रुपये लाख की नाली योजना अधर में लटकी
सरायकेला के राजनगर में बन रही अधूरी नाली

Seraikela News, सरायकेला: विकास की योजनाएं जब सरकारी फाइलों और दफ्तरों के चक्करों में फंसती हैं, तो उसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत कमारबासा गांव से सामने आया है. यहां पंचायत समिति सदस्य मद (फंड) से 2,48,055 रुपये की लागत से बनने वाली पक्की नाली का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अधर में लटक गया है. 60 प्रतिशत काम पूरा होने के बावजूद विभाग द्वारा भुगतान न किए जाने से संवेदक लाचार हैं, वहीं काम अधूरा रहने से ग्रामीणों को आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

फाइलों के फेर में फंसा भुगतान

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में ‘अभिराम पुरती के गोड़ा से सुंदर मोहन हेंब्रम के खेत तक’ पक्की नाली का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. मामले को लेकर लाभुक और संवेदक राम हेंब्रम ने बताया कि काम शुरू करने के लिए उन्हें विभाग से मात्र 15 हजार रुपये की एडवांस राशि मिली थी. उन्होंने अपने स्तर से नाली का 60% निर्माण कार्य पूरा करा लिया है, लेकिन दूसरे बिल के भुगतान के लिए वे कई दिनों से विभागीय कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं. राम हेंब्रम ने आरोप लगाया कि बिल पास कराने के लिए उन्होंने संबंधित इंजीनियर से लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) तक गुहार लगाई है, लेकिन हर बार “एक सप्ताह में काम हो जाएगा” कहकर मामला टाल दिया जाता है. वहीं, बिल बनाने वाले अधिकारी का कहना है कि उनके पास अभी तक इस योजना की फाइल ही नहीं पहुंची है. संवेदक का कहना है कि भुगतान रोकने से न सिर्फ वे परेशान हैं, बल्कि योजना का काम भी पूरी तरह प्रभावित हो गया है.

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लापरवाही पर उप-मुखिया ने जताई नाराजगी

इस प्रशासनिक लापरवाही पर गांव की उप-मुखिया सुकुरमनी तियू ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में इसी तरह की देरी और उदासीनता बरती जाएगी, तो गांवों और पंचायतों का विकास कैसे संभव होगा. उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि संवेदक का बकाया भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए ताकि नाली का निर्माण समय पर पूरा हो सके.

बरसात में नरक बन जाती है राह

स्थानीय ग्रामीण सूरज बानरा, किटु हेंब्रम, गोमिया बानरा, लक्ष्मी हेंब्रम, लिलमती तीयू सहित बुद्धिजीवी केसी हेंब्रम और विनोद मुर्मू ने बताया कि नाली का काम अधूरा रहने के कारण हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी भर जाता है. पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है. इस अव्यवस्था के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को हो रही है, जिनके गिरने और चोटिल होने का खतरा हमेशा बना रहता है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है. उन्होंने इस पूरी योजना की निष्पक्ष जांच कराने के साथ साथ संवेदक का भुगतान जल्दी करने और नाली निर्माण का शेष काम जल्द से जल्द पूरा कराकर ग्रामीणों को इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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