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Home झारखण्ड सरायकेला-खरसावाँ सरायकेला खरसावां: पांच महीने में 79 सर्पदंश के मामले, इलाज से बची जान

सरायकेला खरसावां: पांच महीने में 79 सर्पदंश के मामले, इलाज से बची जान

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सरायकेला खरसावां: पांच महीने में 79 सर्पदंश के मामले, इलाज से बची जान
सांप सांकेतिक तस्वीर (AI Image)

प्रताप मिश्रा/धीरज कुमार की रिपोर्ट

Seraikela Kharsawan News: गर्मी के साथ ही सांप काटने के मामलों में इजाफा होता है. अप्रैल और मई महीने से शुरू होकर सितंबर से अक्टूबर महीने तक में अधिक लोग सर्पदंश के शिकार होते हैं, जैसे ही ठंड का मौसम दस्तक देता है धीरे धीर मामलों में कमी आने लगती है. विगत साढ़े तीन वर्ष में सरायकेला खरसावां जिले में कुल 858 लोग सर्प दंश के शिकार हुए हैं. हालांकि जागरूकता और समय से अस्पताल पहुंचने पर अधिकांश मरीज स्वस्थ्य हो जाते हैं. चिकित्सकों के अनुसार अगर सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल मरीज को लाया जाता है तो उसकी जान बच जाती है. 

इस वर्ष पांच महीने में 79 लोग हुए हैं शिकार 

सरायकेला सदर अस्पताल में वर्ष 2026 में अब तक पांच महीने में 79 लोग सर्पदंश के शिकार हुए हैं. अस्पताल के आंकडों की मानें तो जनवरी से लेकर मई माह तक ये मरीज पहुंचे हैं और सभी स्वस्थ्य हुए हैं. सर्पदंश से अब तक एक की भी मौत नही हुई है.   

गर्मी और बारिश के मौसम में बिल से निकलते हैं सांप 

जिला मुख्यालय के स्नेक कैचर राजा बारीक ने बताया कि सर्पदंश के सबसे ज्यादा मामले गर्मी और बरसात के मौसम में आते हैं. गर्मी के साथ बारीश होने पर उमस हो जाता है, जिससे बिल में सांपों का रहना मुश्किल हो जाता है. इस कारण ये बहार आ जाते हैं. वहीं बरसात के मौसम में बिल में पानी भर जाने के कारण भी बाहर आकर सुरक्षित स्थान खोजने के क्रम में लोगों के घरों में घुस जाते हैं और इस दौरान भी सांप लोगों को काटते है. 

सदर अस्पताल सहित सीएचसी में उपलब्ध है एंटी वेनम 

सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह ने बताया कि अस्पताल आने वाले सर्पदंश से पीड़ित मरीजों का उपचार चिकित्सकों द्वारा किया जाता है. उन्होंने कहा कि जिले के सदर अस्पताल सहित सभी सीएचसी में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है. सीएस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को जितना जल्दी हो सके अपने किसी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाना चाहिए. इस दौरान किसी भी झाड़ फूंक और अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए. इससे मरीज के जान को खतरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटना के 6 घंटे के भीतर मरीज को एंटी स्नेक वेनम देना आवश्यक है नहीं तो मरीज की जान जा सकती है. 

वर्षवार सर्पदंश के आंकड़े 

वर्ष 2023 में कितने मरीज पहुंचे अस्पताल

जनवरी- एक, फरवरी- 04, मार्च- 07, अप्रैल- 08, मई- 01, जून- 31,जुलाई- 45, अगस्त- 28, सितंबर- 31, अक्टूबर- 29, नवंबर- 12, दिसंबर- 04 

वर्ष 2024 में शिकार मरीज

जनवरी- 01,फरवरी- 03, मार्च- 13, अप्रैल- 11, मई- 27, जून- 43, जुलाई- 40, अगस्त- 34, सितंबर- 29, अक्टूबर- 19, नवंबर- 18, दिसंबर- 08

वर्ष 2025 में शिकार मरीज

जनवरी- 04, फरवरी- 09, मार्च- 16, अप्रैल- 24, मई- 46, जून- 60, जुलाई- 48, अगस्त- 31, सितंबर- 27, अक्टूबर- 25,नवंबर- 34, दिसंबर- 08 

2026 में अब तक शिकार मरीज

जनवरी- पांच, फरवरी- 06, मार्च- 24, अप्रैल- 20, मई- 24

सांप काटने पर घबराएं नहीं, तुरंत लें चिकित्सकीय सहायता 

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. चंदन कुमार ने कहा कि सांप के काटने पर घबराना नहीं चाहिए. संभव हो सके तो सांप की पहचान कर लेनी चाहिए और जितना जल्दी हो सके अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मरीज को ले जाना चाहिए. सांप के काटने वाले स्थान को बांधना नहीं चाहिए. इससे अंग के खराब होने या कोई दूसरी बीमारी होने की संभावना रहती है. किसी भी सूरत में अंधविश्वास और झाड़ फूंक में नहीं पड़ना चाहिए. 

समय पर इलाज से बची जान 

खरसावां प्रखंड के बुरूडीह निवासी सूरज टुडू की बारह वर्षीय बेटी अंजली टुडू को 1 मई को करैत सांप ने काट लिया था. सांप के काटने के तुरंत बाद उसके परिजन उसे लेकर सदर अस्पताल सरायकेला पहुंचे. अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा एंटी स्नेक वेनम दिया गया, जिसके बाद बच्ची की जान बची और वह स्वस्थ होकर अपने घर गई.

खरसावां प्रखंड के बुरुगुटू निवासी रमेश लोहार को 14 मई को तालाब जाने के दौरान जहरीले सांप ने काट लिया. सांप के काटने के बाद रमेश लोहार को सदर अस्पताल सरायकेला लाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा एंटी स्नेक वेनम दिया गया और वह स्वस्थ होकर एक दिन बाद अपने घर लौट गया.

घर में काम करने के दौरान सुनीता नायक को जहरीले सांप ने काट लिया. घटना 9 मई की है. घटना के बाद परिजनों द्वारा महिला को सदर अस्पताल सरायकेला लाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा एंटी स्नेक वेनम देकर उसे स्वस्थ किया गया.

घर के आंगन में सो रही सरस्वती उग्रसांडी को 2 मई को जहरीले सांप ने काट लिया. आनन फानन में उसके परिजन उसे लेकर सदर अस्पताल सरायकेला पहुंचे, जहां चिकित्सकों द्वारा एंटी स्नेक वेनम दिया गया. उपचार के दो दिन बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गई.

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो. झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.
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