[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड सरायकेला-खरसावाँ सरायकेला के सीमावर्ती गांव कसराउली में बनेगी सड़क, पैदल चलकर विधायक ने लगाया जनचौपाल

सरायकेला के सीमावर्ती गांव कसराउली में बनेगी सड़क, पैदल चलकर विधायक ने लगाया जनचौपाल

0
सरायकेला के सीमावर्ती गांव कसराउली में बनेगी सड़क, पैदल चलकर विधायक ने लगाया जनचौपाल
कुचाई के सीमावर्ती कसराउली, डांगिल व कोर्रा के चौपाल के दौपान ग्रामीणों के साथ विधायक दशरथ गागराई. फोटो: प्रभात खबर

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Saraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड के सीमावर्ती और दुर्गम कसराउली गांव में विकास की नई उम्मीद जगी है. रोलाहातु पंचायत के इस पहाड़ी क्षेत्र में विधायक दशरथ गागराई ने जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. कसराउली, डांगिल और कोर्रा गांव के लोगों ने अपनी समस्याएं बिंदुवार रखीं, जिन पर विधायक ने समाधान का भरोसा दिया.

चार किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे विधायक

इस जनचौपाल की खास बात यह रही कि विधायक दशरथ गागराई को गांव तक पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ा. कुचाई-खूंटी मुख्य मार्ग से आगे कोई पक्की सड़क नहीं है. जंगलों के बीच बनी पगडंडियों के सहारे ही गांव तक पहुंचा जा सकता है. ग्रामीणों ने श्रमदान से रास्ता बनाया है, लेकिन बारिश के दिनों में हालात बेहद खराब हो जाते हैं.

सड़क बनेगी तो खुलेगा विकास का रास्ता

जनचौपाल के दौरान विधायक ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी कुंजी सड़क है. उन्होंने चलन टिकुरा से जोंबरो, लुदुबेडा से कसराउली, डांगिल होते हुए कोर्रा तक सड़क निर्माण की दिशा में पहल करने की बात कही. उनका कहना था कि बेहतर कनेक्टिविटी से ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील

विधायक दशरथ गागराई ने ग्रामीणों से जागरूक होकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे. इसके लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है, ताकि दूरदराज के लोग भी बिना किसी बाधा के लाभान्वित हो सकें.

बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने जनचौपाल में कई गंभीर समस्याएं उठाईं. उन्होंने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण गांव में चापाकल तक नहीं लगाया जा सका है. लोग पहाड़ी के नीचे स्थित डाड़ी चुआ का पानी पीने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी बेहद खराब है. एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. किसी के बीमार होने पर मरीज को खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है.

मोबाइल टावर और शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दो साल पहले मोबाइल टावर लगाया गया, लेकिन आज तक चालू नहीं हो पाया है. इससे संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित है. शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है. एक ही शिक्षक के भरोसे स्कूल संचालित हो रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने इन समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की.

पांच सड़कों के निर्माण की प्रमुख मांग

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने पांच महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की मांग रखी. इनमें चलन टिकुरा से जोंबरो, लुदुबेडा से कसराउली, डांगिल से कोर्रा, जोंबरो से जोंबिरा होते हुए सोडा और जोंबरो मुरुदपीढ़ी से गांडकीदा बुरुटोला तक सड़क शामिल हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इन सड़कों के बनने से पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और उनकी रोजमर्रा की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी.

कभी नक्सल प्रभावित रहा क्षेत्र, अब विकास की उम्मीद

कसराउली-कोर्रा क्षेत्र कभी घोर नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता था. घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे इस क्षेत्र में पहुंचना बेहद कठिन था. हालांकि अब नक्सल गतिविधियों में कमी आई है और क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहा है.

इसे भी पढ़ें: धनबाद में सांस लेना भी खतरनाक, झारखंड में बना सबसे प्रदूषित शहर

जनचौपाल से जगी नई उम्मीद

विधायक के इस दौरे और जनचौपाल के बाद ग्रामीणों में उम्मीद की नई किरण जगी है. उन्हें विश्वास है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा और आने वाले समय में उनका गांव भी विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा. इस मौके पर मुखिया सतरी सांगा, भोंज सांगा, नमन कांडिर, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, भरत सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, राम सोय, राहुल सोय, गोबरा मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

इसे भी पढ़ें: Fact Check: एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम में नहीं हुआ है बदलाव, 25 दिनों में ही मिलेगा सिलेंडर

Previous article शेयर बाजार में छुट्टियों की भरमार, राम नवमी और महावीर जयंती पर बंद रहेगी ट्रेडिंग, निवेशक नोट कर लें ये तारीखें
Next article देसी स्टाइल रोस्टेड टमाटर की चटनी, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएं
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel