शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
National Stakeholders Consultation 2026 : झारखंड की समृद्ध पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलने जा रही है. राज्य सरकार द्वारा 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में सरायकेला के कलाकार और विश्व प्रसिद्ध सरायकेला छऊ के पारंपरिक मुखौटा शिल्पकार सुमित महापात्र अपनी टीम के साथ झारखंड की पारंपरिक कला का प्रदर्शन करेंगे. सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, झारखंड ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर उन्हें कार्यक्रम में स्टॉल लगाने के लिए अधिकृत किया है. रांची की कलाकार अलिशा गौतम उरांव और उनकी टीम भी इस आयोजन में राज्य की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेगी.
छऊ मुखौटों से झारखंड की कला का प्रदर्शन
इस राष्ट्रीय समागम में झारखंड की कला और संस्कृति भी निवेशकों व नीति-निर्माताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाएगी. कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स को सरायकेला छऊ के पारंपरिक मुखौटे स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किए जाएंगे. इसके लिए सुमित महापात्र ने अपनी टीम के साथ मिलकर भगवान श्रीकृष्ण स्वरूप के 150 पारंपरिक छऊ मुखौटे तैयार किए हैं. इन हस्तनिर्मित मुखौटों के माध्यम से झारखंड की समृद्ध लोक कला और सांस्कृतिक विरासत की झलक देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को देखने को मिलेगी.

झारखंड में निवेश को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय आयोजन
यह दो दिवसीय आयोजन राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशक, उद्योगपति, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे. आयोजन के माध्यम से झारखंड की औद्योगिक, तकनीकी, पर्यटन और सांस्कृतिक संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.
सरायकेला: नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में सरायकेला के कलाकार सुमित महापात्र छऊ कला का प्रदर्शन करेंगे. उनकी टीम ने डेलीगेट्स के लिए 150 पारंपरिक श्रीकृष्ण स्वरूप छऊ मुखौटे तैयार किए हैं.#Jharkhand #SeraikelaKharsawan #Chhau #NRLM #Culture #PrabhatKhabarJharkhand pic.twitter.com/pz7ewqCv9O
— Prabhat Khabar Jharkhand (@jharkhand_pk) July 5, 2026
कई नई नीतियों के प्रारूप होंगे जारी
सूचना और जनसंपर्क विभाग के अनुसार समिट के दौरान झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशन और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर सहित कई नई नीतियों का प्रारूप जारी किया जाएगा. इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण एमओयू पर भी हस्ताक्षर होने की संभावना है. सरकार का मानना है कि इससे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की नई संभावनाएं विकसित होंगी.

दावोस के बाद निवेश आकर्षित करने की बड़ी पहल
राज्य सरकार इस आयोजन को विश्व आर्थिक मंच दावोस में झारखंड की पहली भागीदारी के बाद निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मान रही है. ‘एक्सप्लोर इंफिनाइट अपॉर्चुनिटीज’ थीम के साथ आयोजित यह समिट झारखंड विजन-2050 के दीर्घकालिक लक्ष्यों को गति देने का भी माध्यम बनेगा. समिट में कई निवेश प्रस्तावों और एमओयू के जरिए राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
कलाकारों को मिलेगी सभी आवश्यक सुविधाएं
सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के अनुसार कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों को मानदेय, यात्रा व्यय, भोजन, यात्रा भत्ता तथा आवास की व्यवस्था विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी. सरायकेला के कलाकार सुमित महापात्र की इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता जिले के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है. वहीं, सभी डेलीगेट्स को सरायकेला छऊ के पारंपरिक मुखौटे भेंट किए जाने से झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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