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खरसावां-सीनी रोड की सोना नदी पर पुल निर्माण की मांग, निर्माण कार्य अधूरा

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खरसावां-सीनी रोड की सोना नदी पर पुल निर्माण की मांग, निर्माण कार्य अधूरा
झारखंड विधानसभा में मुद्दा उठाते विधायक दशरथ गागराई.

खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Kharasawan News: खरसावां-सीनी मार्ग पर रायडीह गांव के समीप सोना नदी में नए पुल निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. क्षेत्र के लोगों को वर्षों से हो रही परेशानी को देखते हुए स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने शुक्रवार को विधानसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया. उन्होंने सरकार का ध्यान अधूरे पड़े पुल निर्माण कार्य की ओर आकर्षित करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की.

छह वर्ष से अधूरा पड़ा है निर्माण कार्य

विधायक दशरथ गागराई ने सदन में बताया कि रायडीह गांव के पास सोना नदी पर पुल निर्माण का कार्य करीब छह वर्ष पूर्व शुरू किया गया था. यह योजना पथ निर्माण विभाग से संबंधित है. प्रारंभिक चरण में कार्य शुरू हुआ, लेकिन विभिन्न कारणों से यह बीच में ही रुक गया. उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी के एक मामले में वित्त विभाग द्वारा संबंधित संवेदक को प्रतिबंधित कर दिया गया, जिसके कारण निर्माण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया. परिणामस्वरूप, वर्षों बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण अधूरा पड़ा है और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.

20 साल पुराने पुल पर हो रहा आवागमन

वर्तमान में खरसावां-सीनी मार्ग पर रायडीह के पास सोना नदी पर जिस पुराने पुल से आवागमन हो रहा है, वह करीब 20 वर्ष से भी अधिक पुराना है. पुल की ऊंचाई दस फीट से भी कम है, जिसके कारण बारिश के मौसम में यह अक्सर पानी में डूब जाता है. बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही आवागमन बाधित हो जाता है. इससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार लोगों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे मार्ग से जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है.

नए सिरे से निविदा की मांग

विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए विधायक दशरथ गागराई ने सरकार से आग्रह किया कि पुराने संवेदक की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब नए सिरे से निविदा प्रक्रिया पूरी की जाए. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से पुल निर्माण की प्रतीक्षा कर रही है और सरकार को इस दिशा में त्वरित पहल करनी चाहिए. उन्होंने आसन के माध्यम से मांग की कि शीघ्र नई निविदा निष्पादित कर निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.

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क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नया पुल बन जाता है तो खरसावां और सरायकेला प्रखंड के बड़ी संख्या में ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा. इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से जुड़े कार्यों में सहूलियत होगी. सोना नदी पर मजबूत और ऊंचा पुल बनने से बरसात के दौरान भी यातायात सुचारु रहेगा. यह परियोजना केवल एक पुल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है. अब सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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