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Home झारखण्ड सरायकेला-खरसावाँ चांडिल : दलदल में गिरे दंतैल जंगली हाथी की मौत, जांच में जुटा वन विभाग

चांडिल : दलदल में गिरे दंतैल जंगली हाथी की मौत, जांच में जुटा वन विभाग

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चांडिल : दलदल में गिरे दंतैल जंगली हाथी की मौत, जांच में जुटा वन विभाग
चांडिल में बीमार हाथी की मौत. फोटो : प्रभात खबर

Elephant Death in Chandil| चांडिल (सरायकेला-खरसावां), हिमांशु गोप : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में दलदल में गिरने से दंतैल जंगली हाथी की मौत हो गयी. घटना सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह थाना के चातरमा गांव जंगल किनारे हुई. हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था. वह बीमार भी था. शुक्रवार की रात को ही बीमार हाथी चातरमा गांव के दलदल वाली खेत बैठ गया था. फिर हाथी की ज्यादा तबीयत खराब होने पर खेत में पूरी तरह से लेट गया. शनिवार को वन विभाग की टीम पशु चिकित्सकों की विशेष टीम के साथ वहां पहुंची. 40 बोतल स्लाइन हाथी को चढ़ाया गया.

रविवार सुबह हो गयी हाथी की मौत

रविवार अल सुबह हाथी की मौत हो गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना नीमडीह पुलिस, स्थानीय प्रतिनिधि और वन विभाग को दी. घटना की सूचना मिलते ही रविवार सुबह सीओ अभय द्विवेदी और रेंजर शशि प्रकाश रंजन चांडिल से चातरमा गांव पहुंचे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हाथी की मौत के कारणों का पता चल सकेगा.

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Elephant Death in Chandil: दायें पैर में गंभीर चोट लगने की वजह से बीमार था हाथी

वन विभाग की टीम के एक सदस्य ने बताया कि हाथी के दायें पैर में गंभीर चोट लग जाने के कारण काफी दिनों से बीमार और दुर्बल हो गया था. हाथी की मौत की खबर पाकर आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गये. फूल, सिंदूर और अगरबत्ती जलाकर मृत हाथी की पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद हाथी का पोस्टमार्टम कराकर दफन कर दिया गया.

Elephant Death In Chandil Seraikela Kharsawan
हाथी को श्रद्धांजलि देने देते वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण. फोटो : प्रभात खबर

चांडिल वन क्षेत्र में एक हाथी की मृत्यु हुई है. चिकित्सकों की टीम ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया. मृत हाथी के खून का बिसरा संग्रह किया गया है. जांच के लिए लैब में भेजा जायेगा. हाथी की मृत्यु कैसे और किस परिस्थिति में हुई, इसकी सही जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही मिल पायेगी. पोस्टमार्टम के बाद मृत हाथी को दफना दिया गया. मृत हाथी उसी झुंड से बिछड़ गया था.

शशि रंजन, वन क्षेत्र पदाधिकारी, चांडिल, सरायकेला-खरसावां

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