[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड सरायकेला-खरसावाँ इको सेंसेटिव जोन में आने वाले एक भी गांव नहीं हटेंगे : रेंजर

इको सेंसेटिव जोन में आने वाले एक भी गांव नहीं हटेंगे : रेंजर

0
इको सेंसेटिव जोन में आने वाले एक भी गांव नहीं हटेंगे : रेंजर

गांव के विकास को लेकर टीम करेगी सर्वेप्रतिनिधि, चांडिल.

चांडिल प्रखंड के माकुलाकोचा स्थित दलमा गेस्ट हाउस में मंगलवार को चांडिल व नीमडीह प्रखंड के मुखियों के साथ रेंजर दिनेश चंद्रा ने इको सेंसेटिव जोन को लेकर बैठक की. रेंजर दिनेश चंद्रा ने इको सेंसेटिव जोन को लेकर चल रहे अफवाहों पर मुखियों को जानकारी दी. रेंजर ने कहा कि इको सेंसेटिव जोन के दायरे में आने वाले किसी भी गांव को वन विभाग नहीं हटायेगा. न ही घर-मकान बनाने में किसी तरह की आपत्ति करेगा. पहले जैसा ही गांव यथावत रहेगा. वन विभाग गांवों के विकास के लिए कार्य करेगा. विभाग गांव के रोड-रास्ते, नाला, शुद्ध पेयजल मुहैया करायेगा. इसे लेकर टीम गांव-गांव में सर्वे करेगी. कहा कि कुछ लोग राजनीति लाभ के लिए इको सेंसेटिव जोन का गांव में गलत प्रचार कर रहे हैं. रेंजर ने कहा कि हम 85 गांवों को नहीं हटाया जायेगा. अपने हिसाब से लोग घर बना सकते हैं. इस अवसर पर आदरडीह के मुखिया सुभाष सिंह, बाड़ेदा के मुखिया वरुण कुमार सिंह, रुदिया के मुखिया सुबधनी माहली, लुपुंगडीह के मुखिया प्रतिनिधि भोला सिंह सरदार, राजा मांझी, निखिल महतो आदि उपस्थित थे.

क्या है इको सेंसेटिव जोन

रेंजर दिनेश चंद्रा ने कहा कि 2012 में इको सेंसेटिव जोन का गठन किया गया. भारत वर्ष के सेंचुरी व नेशनल पार्क के जीव-जंतुओं को बचाने व पर्यावरण की रक्षा को लेकर इको सेंसेटिव जोन बनाया गया था. इको सेंसेटिव जाेन में आने वाले गांव के लोगों को विकसित करना उद्देश्य है. इको सेंसेटिव जोन में किसी तरह का उद्योग, क्रशर, बड़ी-बड़ी इमारतें नहीं रहेंगी. बाकि इस जोन में सारी चीजें रहेंगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel