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Saraikela News : पर्यटकों को आकर्षित कर रही चांडिल डैम की मनोरम छंटा

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Saraikela News : पर्यटकों को आकर्षित कर रही चांडिल डैम की मनोरम छंटा

शचिंद्र कुमार दाश/हिमांशु गोप:

सर्दी का मौसम आते ही सरायकेला-खरसावां जिले में पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है. जिला मुख्यालय सरायकेला से करीब 40 किमी दूर व टाटा-रांची राजमार्ग पर चांडिल से करीब सात किमी दूर झारखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चांडिल डैम है. प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल डैम में इन दिनों रोजाना झारखंड के साथ बंगाल व ओडिशा से भी पर्यटक यहां पहुंचने लगे हैं. रोजाना 150-200 सैलानी यहां पहुंच रहे हैं. चांडिल डैम में नौका विहार का आनंद उठाने के लिए भी दूर-दराज से सैलानी पहुंच रहे हैं. रविवार को छुट्टी का दिन होने से यहां पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या दाेगुनी हो जाती है. रविवार को एक हजार से अधिक सैलानी यहां पहुंचते हैं.

पर्यटकों को आकर्षित करती है चांडिल डैम की प्राकृतिक छंटा

चांडिल डैम के चारों ओर फैली हरियाली के साथ यहां की प्राकृतिक छंटा व स्वच्छ जल धारा सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. चांडिल डैम पहुंचे पर्यटकों को यहां की हसीन वादियां, लहलहाती डैम का नीला पानी, प्रकृति की गोद में बसा नौका विहार व सात समुंदर से पहुंचे चांडिल डैम जलाशय के अंदर साइबेरियन पक्षी खूब लुभाते हैं. इस कारण पर्यटक हर साल चांडिल डैम आने को बेताब रहते हैं.

सर्दी के मौसम में बढ़ जाती है सैलानियों की भीड़

यूं तो चांडिल डैम में सालों भर सैलानी आते हैं लेकिन सर्दी का मौसम शुरु होते ही यहां सैलानियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो जाता है. दिसंबर का माह आते ही सैलानियों के संख्या में भी इजाफा होगा.अगले दो माह तक यहां विभिन्न क्षेत्रों से पर्यटक पहुंचेंगे. खास कर दिसंबर व जनवरी माह में यहां पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या काफी अधिक हो जाती है. नये वर्ष के स्वागत में जश्न मनाने के लिए चांडिल डैम सैलानियों की पहली पसंद है. सर्दी के इस मौसम में सैलानियों को अलग अलग स्थानों पर पिकनिक करते देखा जा सकता है.

नौका विहार बना पर्यटकों का पसंदीदा स्पॉट

चांडिल डैम स्थित नौका विहार पर्यटकों का पसंदीदा स्पॉट है. चांडिल डैम में मोटर बोट संचालित होती है. बोटिंग के लिए प्रति व्यक्ति 150 रुपये अदा करनी पड़ती है. चांडिल बांध विस्थापित मत्स्यजीवी स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड ने सरकार से यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोट व स्कूटर उपलब्ध कराने की मांग की है. पर्यटक चांडिल डैम के नीला जल के साथ मनोरम दृश्य देखने के लिए पहुंच रहे हैं. चांडिल डैम का नीला जल पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रही है. चांडिल डैम में पर्यटकों को बोटिंग कराने के लिये 4 सीटर से लेकर 10 सीट की क्षमता वाले 10 बोट हैं. इसमें 9 व 10 सीट वाले एक-एक वोट, 6 व 7 सीट वाले दो-दो बोट, 4 सीट वाले चार बोट से पर्यटकों को नौका विहार कराया जा रहा है.

स्वदेश दर्शन योजना में शामिल है चांडिल डैम

चांडिल डैम राज्य का पर्यटन स्थल के रूप में नामित है. भारत सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से भी स्वदेश दर्शन योजना के तहत इसे शामिल किया गया है. चांडिल डैम में नौका विहार से केज साइड की ओर बने टूरिस्ट ड्राइव में पर्यटक को डैम किनारे टहलने के साथ साथ बैठ कर डैम के प्राकृतिक सौंदर्यता को निहारते हैं. चांडिल डैम के विकास के लिए जल्द ही कई और योजनाओं पर भी कार्य होगा. इसके लिए भी विभाग की ओर से डीपीआर तैयार हो रहा है. चांडिल बांध स्थल को आधुनिक सुविधायुक्त पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की स्थिति में निश्चित रूप से यहां सैलानियों की संख्या में ओर अधिक बढ़ोतरी होगी.

कोट

चांडिल डैम की प्राकृतिक सौंदर्य सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. यहां हर बार पहुंचने का अलग ही आनंद है. यहां की प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली हर बार एक नया अनुभव देती है. टिव्कल गौर, सैलानीचांडिल डैम के चारों ओर फैली हरियाली के साथ यहां के प्राकृतिक सौंदर्य व स्वच्छ जल धारा सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. चांडिल डैम में नौका विहार का भी अलग ही मजा है. हर साल यहां पिकनिक का इंतजार रहता है. -तारणी कुमार, पर्यटकसर्दी का मौसम आते ही पर्यटकों का आना शुरू हो गया है. पर्यटकों को सुरक्षा देने का काम हमारी समिति करती है. पर्यटक नौका विहार के साथ केज कल्चर से हो रही मछली पालन को भी देखते हैं. नारायण गोप, अध्यक्ष, चांडिल बांध मत्स्य जीवी सहकारी समिति.

झारखंड में हो रहे चुनाव के कारण पर्यटकों की संख्या में कुछ कमी देखी जा रही है. चुनाव समाप्त होते ही पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. दिसंबर से मार्च माह तक यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. इससे दुकानदारों को भी अच्छा खासा रोजगार हो जाता है. -विजय महतो, होटल संचालक, नौका विहार, चांडिल.

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