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सरायकेला में 5.5 करोड़ की एप्रोच रोड निर्माण पर अनियमितता का आरोप, भाजपा नेता ने डीसी से की जांच की मांग

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सरायकेला में 5.5 करोड़ की एप्रोच रोड निर्माण पर अनियमितता का आरोप, भाजपा नेता ने डीसी से की जांच की मांग
सरायकेला में बन रही एप्रोच रोड. फोटो: प्रभात खबर

सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर संजय नदी के पुल से जुड़ी एप्रोच रोड के निर्माण कार्य को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं. करीब 5.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता रमेश हांसदा ने सोमवार को सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है.

निर्धारित मानकों की अनदेखी का आरोप

भाजपा नेता रमेश हांसदा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पुल के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य 18 अगस्त तक पूरा किया जाना है. आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की जल्दबाजी में संवेदक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता कर रहा है और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में सड़क और पुल की मजबूती तथा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं.

मिक्स प्लांट के बजाय मिक्सचर मशीन से हो रही ढलाई

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आरसीसी और पीसीसी का निर्माण कार्य केमिकल मिक्स प्लांट से किया जाना चाहिए, लेकिन अब तक अधिकांश ढलाई मिक्सचर मशीन के माध्यम से की गई है. इससे निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. इसके अलावा आरसीसी रिटर्निंग वॉल के पीछे फिल्टर मीडिया बिछाने का प्रावधान होने के बावजूद वहां सीधे मिट्टी भरकर समतलीकरण किए जाने का भी आरोप लगाया गया है.

बिना गुणवत्ता जांच के हो रहा सामग्री का उपयोग

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही बालू और गिट्टी का गुणवत्ता परीक्षण किए बिना ही उपयोग किया जा रहा है. उनका कहना है कि यदि घटिया सामग्री का इस्तेमाल जारी रहा तो पुल और एप्रोच रोड की दीर्घायु प्रभावित हो सकती है और भविष्य में लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है. उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजना में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.

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निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग

रमेश हांसदा ने उपायुक्त से मांग की है कि निर्माणाधीन एप्रोच रोड की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए. साथ ही जो कार्य अभी शेष है, उसे निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाए. उन्होंने यह भी मांग की कि अब तक पूरे हो चुके निर्माण कार्य की भी गुणवत्ता जांच कर आवश्यक सुधार कराया जाए. फिलहाल, उपायुक्त को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं, निर्माण एजेंसी की ओर से भी लगाए गए आरोपों पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है. अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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