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समस्याओं के मकड़जाल में फंसा है चंडीपुर

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समस्याओं के मकड़जाल में फंसा है चंडीपुर

बरहरवा. नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड 6 में चंडीपुर में प्रभात खबर की ओर से शनिवार को ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ का आयोजन किया गया. जिसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा की. ग्रामीणों ने बताया कि चंडीपुर नगर पंचायत के अंतर्गत आता है लेकिन आज भी यहां काफी समस्याएं हैं. चंडीपुर में करीब 180 घर हैं, जिसकी आबादी करीब 800 के आसपास है. हमारे गांव में पेयजल की बहुत अधिक समस्या है. गांव में तीन-चार चापाकल हैं जो बहुत पुराने हो चुके हैं. इस कारण ज्यादातर खराब रहता है. नगर पंचायत बरहरवा द्वारा तीन जगह पर डीप बोरिंग करायी गयी है, लेकिन घरों की संख्या अधिक होने के कारण सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है. जिस कारण घरेलू कार्यों के अलावे शुद्ध पेयजल मिलने में समस्या आती है. गांव में बिजली संबंधित भी कई समस्याएं हैं. उपभोक्ताओं को गर्मी में लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ता है. गांव में बिजली की नंगी तारें हैं, जिससे दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. वहीं, गांव के युवाओं ने बताया कि हमारे गांव का मुख्य मार्ग से करीब एक किलोमीटर दूर पड़ता है. जिसका रास्ता खेतों के बीचों-बीच गुजरता है. सड़क किनारे रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहने के कारण रात्रि में ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. नगर प्रशासन को हमारे गांव के मुख्य रास्ते और हमारे गांव में लाइट की व्यवस्था करनी चाहिये. वहीं, गांव की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़ कर अपनी समस्याओं को बताया, कहा हमारे गांव में राशन कार्ड संबंधित कई समस्याएं हैं. गांव के कई परिवारों के लोगों के नाम राशन कार्ड से नहीं जुड़ पाये हैं. राशन कार्ड में नाम जुड़वाने में सबसे ज्यादा परेशानी शादी करके आयी नयी नवेली दुल्हन को होती है. गांव में काफी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जिन्हें झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. किसी-किसी का नाम योजना से अब तक नहीं जुड़ा है, तो किसी-किसी को यह राशि एक-दो बार ही मिली और उसके बाद खाते में आनी बंद हो गयी. वहीं, गांव के बुजुर्गों ने बताया कि वृद्धा पेंशन का भी ईश्यू है. विवाह भवन और उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग चंडीपुर के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अगर किसी की शादी होती है तो हम लोग टेंट या कोई सरकारी भवन का सहारा लेते हैं. अगर हमारे गांव में एक विवाह भवन का निर्माण कर दिया जाता तो हम लोगों को काफी सुविधा होती. वहीं, बरहरवा रेल फाटक बंद होने के बाद अंडरपास का जो रास्ता है, वहां पर अक्सर पानी जमा रहता है. जिस कारण हम लोगों को इलाज कराने के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहरवा जाने में काफी परेशानी होती है. जो हमारे गांव से दूर पड़ता है, इसीलिए हमारे गांव के बगल में एक उप स्वास्थ्य केंद्र बनाना चाहिए, ताकि गांव के लोग अगर बीमार हो तो उन्हें तुरंत उपचार मिल सके. अगर एक उप स्वास्थ्य केंद्र खुल जाता है और यहां पर नियमित डॉक्टर और नर्स की पोस्टिंग हो जाती है तो हमलोगों को इलाज के लिए काफी सुविधा होगी. विवाह एवं अन्य पारिवारिक समारोह हेतु हम लोगों को होटल या लॉज भाड़ा लेने के लिये बरहरवा सब्जी मंडी या मेन रोड जाना पड़ता है, जो हमारे गांव से काफी दूर है. हमलोगों के गांव में अगर यह दोनों व्यवस्थाएं हो जाती है तो काफी सुविधा होगी. खेल के मैदान में जमा हो जाता है बरसात का पानी युवाओं ने बताया कि गांव में स्थित खेल के मैदान में हल्की बारिश के बाद ही पानी जमा हो जाता है. जिससे गांव के बच्चे व युवा को खेलने में काफी परेशानी होती है. विद्यालय के समीप स्थित मैदान में पानी जमा हो जाने से विद्यालय के बच्चों का भी आउटडोर गेम का कोर्स पूरा नहीं कर हो पाता है. नगर पंचायत के द्वारा खेल के मैदान का समतलीकरण व सौंदर्यकरण करवाना जाना चाहिये, जिससे गांव के युवक खेलकूद में भी आगे बढ़ सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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