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निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करने वाली नर्साें को दें सम्मान

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निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करने वाली नर्साें को दें सम्मान

साहिबगंज. नोबल नर्सिंग सेवा की शुरुआत करने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर हर वर्ष पूरे विश्व में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है. नर्स लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण योगदान देतीं हैं. यह दिन नर्सों के योगदान के लिए समर्पित होता है. जानकारी के अनुसार पहली बार नर्स दिवस वर्ष 1965 में मनाया गया था. इसके बाद 12 मई 1974 को अंतरराष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की गयी. नर्स अस्पतालों में व्यक्तियों की सेवा ईमानदारी पूर्वक दिन-रात करतीं हैं. ऐसे में जनमानस का भी फर्ज होता है कि अस्पतालों एवं क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने वाली नर्सों को सम्मान व इज्जत दें. ताकि वे निर्भीक व सम्मान पूर्वक मरीजों को अपनी सेवाएं प्रदान करती रहें. साहिबगंज सदर अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 12 मई को माने की तैयारी एक ग्रेड नर्स व एएनएम कर रहीं हैं. ए ग्रेड नर्स डोली झा ने बताई कि हरेक वर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के दिन हमलोग नोबल नर्सिंग सेवा की शुरुआत करने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती मनाते हैं. केक काटकर एक दूसरे को केक खिलाकर नर्स दिवस की शुभकामनाएं देते हैं. क्या कहतीं हैं नर्स मरीजों की सेवा करना मेरा पहला दायित्व : डोली नर्सिंग सेवा की शुरुआत करने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाते हैं. मेरी नौकरी का 19 वर्ष हो गया है. मैं कभी भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटी हूं. -डोली झा, ए ग्रेड नर्स, सदर अस्पताल सेवा की भावना से मरीजों की देखभाल करती हूं : सविता सदर अस्पताल में सेवा भावना से मरीजों की देखभाल करती हूं. मैं कभी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटी. समय पर ड्यूटी आती औ लौटती हूं. रही बात मरीजों की सेवा तो वह मैं ईमानदारी से करती हूं. -सविता कुमारी, एएनएम, सदर अस्पताल सेवा के बदले लोगों से मिले सम्मान : ममता सेवा के बदले हम नर्सों को सम्मान मिले. ताकि हमलोगों का मनोबल व हिम्मत बढ़ता रहे. मरीजों की सेवा ईमानदारी पूर्वक करती हूं. ईश्वर से मरीज के स्वस्थ होने की कामना करती हूं. ताकि लोगों का विश्वास बना रहे. -ममता कुमारी, एएनएम, सदर अस्पताल सभी नर्स बहनों को नर्स दिवस की शुभकामना : मंजूला अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की सभी नर्स बहनों को शुभकामना. 21 वर्षों से मरीजों को सेवा देती आ रही हूं. सभी नर्सों से निवेदन होगी कि मरीजों की सेवा करने का सौभाग्य हमलोगों को मिला है. इस कार्य को ईमानदारी पूर्वक करें. -मंजूला मुर्मू, ए ग्रेड नर्स, सदर अस्पताल अपना धर्म निभाने के लिए कृत संकल्पित हूं : संगीता नर्स दिवस हो या मातृ दिवस हमारा धर्म सिर्फ मरीजों की सेवा करना है. हम अपने धर्म को निभाने के लिए कृत संकल्पित हैं. डॉक्टर मरीज को दवा लिखते हैं तो हम दवा खिलाते हैं. अपनी बहनों से अपील करती हूं कि बेहतर करें. -संगीता कुमारी, ए ग्रेड नर्स, सदर अस्पताल युवतियों को एएनएम बनने का सपना 13 वर्ष से अधुरा साहिबगंज. जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे है. सदर अस्पताल परिसर में 13 वर्ष पूर्व विशेष प्रमंडल ने दो करोड़ आठ लाख 69 हजार रुपये से एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कराया था. लोगों को उम्मीद थी कि एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के चालू हो जाने से जिले महिलाओं को एएनएम का प्रशिक्षण लेने के विए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. 13 वर्ष बीत जाने के बावजूद एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में न तो प्रशिक्षक की प्रतिनियुक्ति हुई और न ही उपकरणों की आपूर्ति करायी गयी. एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन छह अगस्त 2011 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हेमलाल मुर्मू ने विधायक लोबिन हेंब्रम की मौजूदगी में किया था. वर्तमान में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र भवन का खिड़की, दरवाजा, इलेक्ट्रिक वायरिंग क्षतिग्रस्त हो गया है. भवन के चारों ओर जंगल झाड उग आये हैं. एएनएम ट्रेनिंग स्कूल भवन को विभाग स्टोर रूम में उपयोग कर रहा है. भवन में सदर अस्पताल के दवाई के अलावा अन्य सामान रखा रहा है. कुछ दिन पूर्व जिला आरसीएच कार्यालय को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर भवन में शिफ्ट किया गया है.

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