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Home झारखण्ड साहिबगंज 22 से 25 हजार बोतल स्लाइन नाले में बहाने मामले पर डीसी ने लिया संज्ञान, दो सदस्यीय जांच टीम गठित

22 से 25 हजार बोतल स्लाइन नाले में बहाने मामले पर डीसी ने लिया संज्ञान, दो सदस्यीय जांच टीम गठित

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22 से 25 हजार बोतल स्लाइन नाले में बहाने मामले पर डीसी ने लिया संज्ञान, दो सदस्यीय जांच टीम गठित

साहिबगंज. सदर अस्पताल परिसर स्थित वेयर हाउस के बंद कमरे में भारी मात्रा में स्लाइन की बोतल को काटकर नाली में बहाने मामले की खबर प्रभात खबर में छपने के बाद डीसी ने संज्ञान लिया है. दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर सीएस से शा-कॉज किया है. ””””सात-आठ दिनों तक वेयर हाउस के बंद कमरे में चला खेल, 22 से 25 हजार बोतल स्लाइन नाली में बहाया शीर्षक खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग व सदर अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया. जिले में चर्चा का विषय बना है. मजे की बात यह है कि सदर अस्पताल के वेयर हाउस के बंद कमरे में सात से आठ दिनों तक ऐसा खेल होता रहा. पर किसी को कुछ पता नहीं चल पाया. सिविल सर्जन डाॅ प्रवीण कुमार संथालिया व अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रंजन कुमार के अलावा कर्मी कब, कहां, किसने, कैसे व किस स्लाइन को बहाया. इस बात की जानकारी तक नहीं है. सवाल उठना लाजमी है कि सात-आठ दिनों तक चले इस खेल की जानकारी सरकारी बाबुओं को नहीं है. यह बात किसी को हजम नहीं हो रहा है. हालांकि सूत्र बताते हैं कि कमरे में किसी चीज का ऑफिस या अन्य किसी काम के लिए तैयार करना था. ऐसे में स्लाइन रखे कमरे को खाली करना था. कमरे को देखने के लिए कभी भी जिला प्रशासन के अधिकारी आ सकते थे. अगर अधिकारियों के सामने कमरा खोला जाता तो सरकारी बाबुओं की पोल खुल जाती. इसलिए समय से पहले ही सरकारी बाबुओं ने कमरे में रखे 22 से 25 हजार की संख्या में रखे स्लाइन की बोतल को मजदूर लगवाकर सात से आठ दिनों में नाली में बहवा दिया. 25 से 30 रुपये प्रतिकिलो की दर से कबाड़ी को बेच दिया स्लाइन की खाली बोतल सदर अस्पताल परिसर स्थित वेयर हाउस के कमरे में रखे 22 से 25 हजार की संख्या में स्लाइन की बोतल को काटकर नाली में बहा देने के बाद सरकारी बाबुओं ने खाली हुए स्लाइन की बोतल को कबाड़ी से प्रतिकिलो तय दर पर बेच दिया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शर्त था कि कबाड़ी वाले खुद इ-रिक्शा से सदर अस्पताल के वेयर हाउस से खाली स्लाइन की बोतल को बोरे में भर कर ले जायें. ऐसा हुआ भी. कबाड़ी वाले ने वेयर हाउस से शाम को इ-रिक्शा से पांच से छः बार में स्लाइन की खाली बोतल बोरे में भर कर ले गया. 25 से 30 रुपये प्रतिकिलो की दर से बाबुओं ने बोतल को बेच दिया. जांच टीम में शामिल हैं आइटीडीए निदेशक व सदर एसडीओ सदर अस्पताल के वेयर हाउस के बंद कमरे में रखे 22 से 25 हजार स्लाइन की बोतल को काट कर नाली में बहाने की खबर प्रभात खबर अखबार ने चार अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इस डीसी हेमंत सती ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच करने के लिए दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दिया. गठित जांच टीम में आइटीडीए निदेशक संजय कुमार दास एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी अंगार नाथ स्वर्णकार शामिल हैं. सीएस ने डीएस व स्टोर कीपर को किया शो-कॉज समाचार प्रकाशित होने पर सीएस डॉ प्रवीण कुमार संथालिया ने सदर अस्पताल के डीएस डॉ रंजन कुमार, लिपिक व स्टोरकीपर से स्पष्टीकरण पूछा है कि स्लाइन कब की थी. एक्सपायर थी कि नहीं जानकारी दो दिन के अंदर जवाब दें. स्पष्टीकरण पूछने से स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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