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कम क्यों हो रही आदिवासियों की आबादी

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कम क्यों हो रही आदिवासियों की आबादी
Birsa Munda

प्रतिनिधि, नामकुम : आदिवासियों की हितैषी बननेवाली कांग्रेस, झामुमो व राजद बतायें कि झारखंड में आदिवासियों की आबादी कम क्यों हो रही है. भ्रष्टाचार में डूबी गठबंधन की सरकार में राज्य की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. जहां आदिवासियों की संख्या थी, वहां मुस्लिम आबादी बढ़ी है. राज्य में 44 से घटकर 23 प्रतिशत आदिवासी बचे हैं. उक्त बातें भाजपा लोवाडीह मंडल के जोरार चुनाव कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कही. कहा कि राज्य की जनता डबल इंजन की सरकार बनाने की ठान चुकी है. पहले चरण के चुनाव के बाद से राज्य में परिवर्तन हो गया है. घुसपैठ बड़ा मुद्दा है. राहुल गांधी के राह में चलते हुए गुलाम मीर ने घुसपैठ पर मुहर लगायी है. वे खुले मंच से घुसपैठियों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की घोषणा कर चुके हैं. उन्हें दामाद मानते हैं. गठबंधन सरकार ने पांच साल तुष्टिकरण की राजनीति की. बंगलादेश से वोटर बुलाये जा रहे हैं, परंतु झारखंड धर्मशाला नहीं है. 23 नवंबर के बाद सभी को चिह्नित कर भगाया जायेगा. सिर्फ रांची में एक लाख घुसपैठिए हैं जो दिन में फेरी और रात में अपराध करते हैं. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रामकुमार पाहन के पक्ष में वोट करने की अपील लोगों से की. कहा राज्य में भाजपा सरकार बनने से रोजगार, कदाचार मुक्त परीक्षा, महिलाओं के लिए गोगो दीदी योजना, किसानों को सम्मान राशि, महिलाओं को एक रुपये में जमीन की रजिस्ट्री, डायल 181 सहित कई सुविधाएं गारंटी के साथ पांच सालों दी जायेगी. इसके बाद श्री सेठ ने तेतरी टोली हाइटेंशन को-ऑपरेटिव काॅलोनी, जोरार अखड़ा, नारायणी पुरम सोसायटी, नामकुम खटाल, अमेठिया नगर, लोवाडीह लक्ष्मी नगर, टाटीसिलवे, आदर्श नगर में जनसंपर्क कर रामकुमार पाहन को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की. मौके पर रिंकू सिंह, पिंटू सिंह, गोपाल लोहिया, प्रमोद कुमार सिंह, संजीव सिंह, रमेश सिंह, संजीत सिंह, अशोक गोप, अशोक मुंडा, शंकर सिंह मुंडा, सुबोध सिंह, राजेश मेहता, अमरेन्द्र सिन्हा, नवीन सोनी आदि उपस्थित थे.

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