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पगडंडियों के सहारे आते-जाते हैं ग्रामीण

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पगडंडियों के सहारे आते-जाते हैं ग्रामीण
Birsa Munda

प्रतिनिधि, मैक्लुस्कीगंज : रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत लपरा पंचायत के महुलिया गांव जाने का रास्ता नहीं है. ग्रामीण पगडंडियों के सहारे अपना गांव आते-जाते हैं. गांव में रैयत विस्थापित मोर्चा के लोगों ने शुक्रवार को बैठक की. अध्यक्षता मोर्चा के सदस्य ताहिर अंसारी ने की. इसमें मैक्लुस्कीगंज-खलारी मुख्य मार्ग से महुलिया गांव तक सड़क बनाने की मांग की गयी. श्री अंसारी ने बताया कि कभी गांव गुलजार हुआ करता था. गांव तक आने-जाने के लिए उचित मार्ग की व्यवस्था थी. लगभग तीन दशक पूर्व मैक्लुस्कीगंज भाया पिपरवार रेलवे लाइन का निर्माण के बाद रास्ता बाधित हो गया. इसके कारण ग्रामीण धीरे-धीरे दूसरे गांव में पलायन कर गये. वर्तमान में मात्र 55 लोगों की आबादी 12 घरों में निवास करती है. कभी यहां 300 घरों में लोग रहते थे. ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को कई बार सड़क निर्माण के लिए मांग पत्र सौंपा है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. ग्रामीण वर्तमान में विवश होकर अपने गांव महुलिया आने-जाने के लिए पगडंडियों का सहारा लेना पड़ रहा है. बैठक में पॉल बारला, मुस्तफा अंसारी, जबीरन खातून, एफ केरकेट्टा, बसरूद्दीन अंसारी, फरहान खातून, सद्दाम अंसारी, मैमून खातून, साहिना खातून अन्य मौजूद थे.

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