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कल से वासंतिक नवरात्र, बन रहा सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग

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कल से वासंतिक नवरात्र, बन रहा सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग

रांची. वासंतिक नवरात्र नौ अप्रैल से शुरू हो रहा है. नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूप की आराधना होगी. मान्यता है कि नवरात्र में मां की पूजा से शुभ मिलते हैं. संकटों का निवारण होता है. इसी दिन हिंदू नववर्ष का शुभारंभ होगा. मंगलवार को सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग भी मिल रहा है. इस वर्ष नौ दिनों तक मां की आराधना होगी. पंडित कौशल कुमार मिश्र ने कहा कि सोमवार रात 11:56 बजे प्रतिपदा तिथि शुरू हो रही है, जो मंगलवार रात 9:43 बजे तक है. उदया कालीन प्रतिपदा मिलने के कारण मंगलवार से नवरात्रि शुरू हो जायेगी. कलश स्थापना के साथ ही मां की आराधना शुरू हो जायेगी. कलश स्थापना सुबह शुरू हो जायेगी. सुबह 11:35 से दोपहर 12:24 तक अभिजित मुहूर्त है. अश्विनी नक्षत्र का संयोग भी मिल रहा है. ऐसे में घटस्थापना और पूजा का संकल्प लेना फलदायी माना जा रहा है. नवरात्र में कई भक्त नौ दिनों तक उपवास रखते हैं, तो कई सात्विक भोजन कर मां की आराधना करते हैं. स्वास्तिक और ताजी पत्तियों का तोरण बनायें : मान्यता है कि नवरात्र के दिन घर की साफ-सफाई कर मुख्य द्वार के दोनों तरफ स्वास्तिक और दरवाजे पर आम या अशोक के ताजे पत्तों का तोरण लगाने से सुख-समृद्धि आती है. ऐसे करें अनुष्ठान : माता दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर को लकड़ी की चौकी या आसन पर स्थापित कर पूजा शुरू करें. माता के समक्ष मिट्टी के बर्तन, टोकड़ी अथवा धरती पर जौ बोयें. जौ को समृद्धि व खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. ऐसे तो देवी का शृंगार हर दिन करें. महाअष्टमी को मां के विशेष शृंगार का विशेष महत्व है. नारियल व चुनरी चढ़ाना भी काफी शुभ माना जाता है. संभव हो, तो अखंड दीप जला सकते हैं. 15 अप्रैल को निशिथकालीन अष्टमी मिलने के कारण इसी दिन रात में महानिशा पूजा होगी. 16 अप्रैल को उदयाकालीन अष्टमी मिलने के कारण महाअष्टमी का व्रत होगा. इसी दिन अष्टमी व नवमी का संधि होने के कारण संधि बली दी जायेगी. 17 अप्रैल को नवमी और 18 को दशमी है. नवरात्र को लेकर बाजारों में चहल-पहल शुरू : नवरात्र को लेकर बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गयी है. पूजा दुकानों में माता रानी की तस्वीर, मूर्ति, राम दरबार की प्रतिमा और धार्मिक पुस्तकों की बिक्री हो रही है. इसके अलावा मिट्टी बरतन की दुकानों में भीड़ जुट रही है.

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