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यूजीसी अब बेहतर शोध पत्र को करेगा सम्मानित

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यूजीसी अब बेहतर शोध पत्र को करेगा सम्मानित
Birsa Munda

रांची. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अब विवि में बेहतर शोध पत्र को सम्मानित करने का निर्णय लिया है. प्रथम चरण में पांच विषयों को शामिल किया है. यूजीसी ने इसका नाम पीएचडी एक्सीलेंस सिटिएशन (पीएचडी उत्कृष्टता प्रशस्ति) पत्र रखा है. एक जनवरी 2025 से यूजीसी द्वारा पोर्टल खोला जायेगा. 31 मार्च 2025 तक आवेदन जमा होंगे. जबकि एक अगस्त 2025 तक यूजीसी सलेक्शन कमेटी बेहतर शोध पत्र का चयन करेगी. चयनित शोध पत्र व शोधार्थी को पांच सितंबर 2025 को एक समारोह में सम्मानित किया जायेगा. यूजीसी के सचिव प्रो मनीष जैन के अनुसार सभी विवि अपने-अपने यहां बेहतर पीएचडी का चयन स्कीनिंग कमेटी द्वारा करेंगे. इसके बाद कमेटी इसे यूजीसी के पास भेजेगी. जिस पर यूजीसी सलेक्शन कमेटी अंतिम निर्णय लेगी. सचिव ने कहा है कि पीएचडी की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है. प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी है. सबसे अधिक साइंस में 30 प्रतिशत, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 26 प्रतिशत, सोशल साइंस में 12 प्रतिशत, मैनेजमेंट में छह प्रतिशत, एडुकेशन में पांच प्रतिशत, एग्रीकल्चर साइंस में चार प्रतिशत, कॉमर्स में तीन प्रतिशत, फॉरेन लैंग्वेज में तीन प्रतिशत तक वृद्धि हुई है. यूजीसी द्वारा नयी योजना के तहत सम्मानित करने के लिए जिन विषयों के शोध पत्र का चयन करने का निर्णय लिया है. इनमें साइंस (एग्रीकल्चर साइंस, मेडिकल साइंस सहित), इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सोशल साइंस (एडुकेशन व ह्यूमिनिटिज सहित), इंडियन लैंग्वेज तथा कॉमर्स एंड मैनेजमेंट विषय शामिल है.

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