[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची Ranchi news : सोशल मीडिया युग में बढ़ गया है पुस्तकों का महत्व : कुलपति

Ranchi news : सोशल मीडिया युग में बढ़ गया है पुस्तकों का महत्व : कुलपति

0
Ranchi news : सोशल मीडिया युग में बढ़ गया है पुस्तकों का महत्व : कुलपति

सीयूजे में दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का उदघाटन रांची . केंद्रीय विवि, झारखंड (सीयूजे) के कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने कहा है कि सोशल मीडिया युग में विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों का महत्व बढ़ गया है. पुस्तक हमें ज्ञान के अपूर्व भंडार से अवगत कराते हुए जीवन में सही पथ पर बढ़ने की ताकत देती है. कुलपति बुधवार को विवि कैंपस में अवस्थित विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने क्षेत्र की अच्छी पुस्तकों को पढ़ना चाहिए और देश में शोध और नवाचार को ऊंचाई प्रदान करना चाहिए. पुस्तकालय अध्यक्ष सह आयोजन संयोजक डॉ सुजीत कुमार पांडेय ने कहा कि पुस्तक प्रदर्शनी का उद्देश्य एक सशक्त शैक्षणिक एवं पठन-पाठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना है. साथ ही अनुसंधान एवं ज्ञानवर्धन के लिए आधुनिक शिक्षण संसाधनों तक पहुंच को बढ़ावा देना है. सभी विद्यार्थी, शोधार्थी और प्राध्यापक अपनी पसंद की किताबों का चयन करके विवि पुस्तकालय को देंगे और विवि उन किताबों को विद्यार्थियों के लिए खरीदेंगे. उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ शंभु राज उपाध्याय ने बताया कि इस प्रदर्शनी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विविध प्रकाशनों का प्रदर्शन भी हो रहा है. इस प्रदर्शनी में एक सौ से अधिक प्रकाशक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं. कुल 20 स्टॉल में पुस्तक विक्रेताओं और प्रकाशकों ने अपनी पुस्तकों को प्रदर्शित किया है. प्रदर्शनी सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए खुला रहेगा. इस अवसर पर प्रो कुंज बिहारी पंडा, प्रो भगवान सिंह, प्रो एके पाधी, डॉ सौमेन डे, डॉ नागपवन चिंतालपति सहित अन्य उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel