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Ranchi News : कला और संगीत व्यक्ति के रचनात्मक विकास के लिए आवश्यक : अभिजीत

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Ranchi News :  कला और संगीत व्यक्ति के रचनात्मक विकास के लिए आवश्यक : अभिजीत

बंगीय संगीत परिषद झारखंड इकाई का एलइबीबी उवि में दीक्षांत समारोह

रांची. बंगीय संगीत परिषद झारखंड इकाई द्वारा एलइबीबी उच्च विद्यालय में दीक्षांत समारोह किया गया. मुख्य अतिथि एचइसी के पूर्व सीएमडी अभिजीत घोष थे. उन्होंने कहा कि कला और संगीत व्यक्ति के नैतिक, मानसिक व रचनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है. यह न केवल सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि मनुष्य को भौतिक बंधनों से मुक्त कर एक उच्चतर अनुभूति की ओर ले जाते हैं. विशिष्ट अतिथि बंगीय संगीत परिषद कोलकाता के अध्यक्ष श्यामल गांगुली ने परिषद के उद्देश्यों व कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं गायन, वादन, नृत्य व वाचन के संरक्षण व संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है. देवप्रिय ठाकुर ने सभी कलाकारों व छात्र-छात्राओं का स्वागत किया. लिली मुखर्जी के निर्देशन में स्वागत गीत व रवींद्र संगीत प्रस्तुत किया गया. इसके बाद गार्गी सोम के निर्देशन में भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति हुई. दीपक सिन्हा के निर्देशन में पाजेब की छात्राओं द्वारा गंगा विषयक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गयी. मुख्य संदेश दहेज प्रथा के विरोध व महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित था. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संगीत विभाग, संगीत रत्न, वादन विभाग व वादन रत्न की उपाधियां प्रदान की गयी.

रांची के कलाकार उज्ज्वल ठाकुर को संगीत क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए चिन्मय लाहिड़ी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. आयोजन की सफलता में गौतम बक्शी, दिव्येंदु पाल, एसके रॉय, सुबीर लाहिड़ी, देवप्रिय ठाकुर, रीता डे, नीता भट्टाचार्य, रजनी सेन, लिली मुखर्जी, देवरानी ठाकुर व एलईबीबी उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय महतो व विद्यालय के सभी कर्मचारियों सहित अन्य का योगदान रहा.

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