[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची Ranchi News : जुबली वर्ष का आखिरी तीर्थयात्रा 14 नवंबर से होगा शुरू

Ranchi News : जुबली वर्ष का आखिरी तीर्थयात्रा 14 नवंबर से होगा शुरू

0
Ranchi News : जुबली वर्ष का आखिरी तीर्थयात्रा 14 नवंबर से होगा शुरू

रांची. कैथोलिक चर्च की ओर से 2025 को जुबली वर्ष घोषित किया गया. दिवंगत पोप फ्रांसिस ने जुबली वर्ष की घोषणा करते हुए कैथोलिक विश्वासियों से अपील की थी कि वे इस वर्ष तीर्थयात्रा में जाने की कोशिश करें. इस साल की शुरुआत से ही तीर्थयात्रा की शुरुआत हो गयी थी. रांची महाधर्मप्रांत के विश्वासी जुबली वर्ष के अंतिम तीर्थयात्रा के लिए तैयार हैं. 14 से 17 नवंबर तक रांची के कैथोलिक विश्वासी गोवा की तीर्थयात्रा पर रहेंगे. डैनियल पॉल टूर एंड ट्रैवल्स के अक्षय राकेश एक्का ने बताया कि विश्वासी ओल्ड गोवा समेत अन्य स्थानों की यात्रा करेंगे. ओल्ड गोवा में बैसेलिका ऑफ बोम जीसस एक ऐतिहासिक चर्च है, जिसमें संत फ्रांसिस जेवियर का शव संरक्षित किया गया है. यह चर्च कैथोलिक ही नहीं अन्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है. अपनी बनावट, पुर्तगाली वास्तुकला और ऐतिहासिक घटनाओं की वजह से यह चर्च खास है. इस चर्च के पास ही गोवा का म्यूजियम भी है जहां पुर्तगाली शासकों की तस्वीरें, उस समय की ऐतिहासिक कलाकृतियां सहेजकर रखी गयी है. यहां आसपास कई और चर्च भी है. ओल्ड गोवा में रांची पल्ली के फादर जॉर्ज मिंज विश्वासियों के लिए प्रार्थना करेंगे. रांची के दल में लगभग 40 लोग हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel