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Home झारखण्ड रांची जिलाध्यक्षों पर गिरेगी गाज, कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की आहट

जिलाध्यक्षों पर गिरेगी गाज, कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की आहट

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जिलाध्यक्षों पर गिरेगी गाज, कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की आहट

रांची. कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है. जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया बदल दी गयी है. इसी प्रक्रिया के तहत केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में 24 पर्यवेक्षक भेजे थे. पर्यवेक्षकों ने हर जिले में कैंप किया और छह से सात दिनों तक वहीं रुके. उन्होंने वर्तमान जिलाध्यक्षों से लेकर दावेदारों तक का फीडबैक लिया. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार संगठन में आधे से अधिक जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं. दो-चार को छोड़कर बाकी सभी पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है. पर्यवेक्षकों ने पार्टी कार्यकर्ताओं, जिले के वरिष्ठ-जूनियर नेताओं और विभिन्न संगठनों से बातचीत की. उन्हें मिले फीडबैक में कई जिलाध्यक्षों के कामकाज को लेकर नाराजगी जतायी गयी है. संगठन के अंदर उनकी सक्रियता पर भी सवाल उठे हैं. 17 सितंबर तक सभी पर्यवेक्षकों को अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपनी है. दिल्ली के निर्देश पर आये पर्यवेक्षकों के साथ प्रदेश के दो-दो नेताओं को भी जोड़ा गया था, लेकिन उन्हें चयन प्रक्रिया से पूरी तरह अलग रखा गया है.

पोर्टल के माध्यम से भेजनी है रिपोर्ट, वेणुगोपाल देखेंगे

पर्यवेक्षकों को एक पोर्टल के माध्यम से अपनी रिपोर्ट भेजनी है. केंद्रीय नेतृत्व को छह लोगों का नाम प्राथमिकता के आधार पर भेजना है. इसमें सभी संभावित दावेदारों के मजबूत और कमजोर पक्षों का उल्लेख करना होगा. साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों द्वारा दी गयी राय भी शामिल करनी है. यह रिपोर्ट सीधे राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल को भेजी जायेगी. जिलाध्यक्ष चयन के दौरान श्री वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी के राजू और वार रूम के एक सदस्य ही अंतिम फैसला लेंगे. इसके बाद प्रदेश नेतृत्व को सूची भेज दी जायेगी. पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में जिलाध्यक्षों को अधिक अधिकार दिये जायेंगे. ग्रास रूट पर संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ जिलाध्यक्ष को भी पावर सेंटर बनाया जायेगा. प्रत्याशी चयन में भी उनकी भूमिका अहम होगी.

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