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Home झारखण्ड रांची शहर में बिना लाइसेंस किशोर खुलेआम चला रहे ई-रिक्शा, परमिट से तीन गुना ज्यादा चले रहे ऑटो

शहर में बिना लाइसेंस किशोर खुलेआम चला रहे ई-रिक्शा, परमिट से तीन गुना ज्यादा चले रहे ऑटो

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शहर में बिना लाइसेंस किशोर खुलेआम चला रहे ई-रिक्शा, परमिट से तीन गुना ज्यादा चले रहे ऑटो

रांची (प्रभात खबर टीम). नियमों को ताक पर रखकर 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर रांची शहर में खुलेआम ई-रिक्शा चला रहे हैं. इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है. सड़क पर ये जहां चाहते हैं, वहीं से सड़क पर रिक्शा घुमा देते हैं या सड़क पर रोककर यात्री बैठाने लगते हैं. रांची निगम क्षेत्र में 5330 ऑटो (सीएनजी, पेट्रोल-डीजल) को परमिट दिया गया है. जबकि 15 हजार से ज्यादा ऑटो का अवैध तरीके से परिचालन हो रहा है. यानि शहर में परमिट से तीन गुणा ज्यादा ऑटो चल रहे हैं. वह भी ट्रैफिक पुलिस के सामने. इसके कारण तमाम कवायद के बाद भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधर नहीं रही है. ऑटो व ई-रिक्शा के परमिट की बात अगर छोड़ दें, तो इनके पास न ड्राइविंग लाइसेंस है, न इंश्योरेंस और न ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट. फिर भी धड़ल्ले से यह चल रहे हैं. मंगलवार को प्रभात खबर टीम द्वारा शहर के कांटा टोली, बूटी मोड़, खेलगांव, किशोरी यादव चौक और बिरसा चौक सहित अन्य जगहों की पड़ताल करने के दौरान उक्त बातें सामने आयी. दोपहर एक बजे के करीब कांटा टोली चौक पर प्रभात खबर टीम को देखते ही वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी सक्रिय हो गये और 18 वर्ष से कम उम्र के ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई करने लगे. ड्राइविंग लाइसेंस की जगह दिखाया पैन कार्ड : कांटा टोली चौक से गुजरते एक ई-रिक्शा को रोककर ट्रैफिक पुलिस ने लाइसेंस मांगा, तो उसने अपना पैन कार्ड पुलिस वालों को दिखाया. उसके आधार पर उसकी उम्र 17 साल 10 महीना हाे रही थी. उसने कहा कि अभी दो महीना के बाद उसकी उम्र 18 साल हो जायेगी, तो वह लाइसेंस बना लेगा. बाद में ट्रैफिक पुलिस वाले ने उसका बिना लाइसेंस के वाहन चलाने का पांच हजार रुपये का चालान काटा. उसी दौरान एक और ई-रिक्शा वहां दो सवारी लेकर पहुंचा. उसके चालक के पास भी लाइसेंस नहीं था. उसने अपनी उम्र 17 साल छह महीने बतायी. ट्रैफिक पुलिस ने उसका वाहन जब्त कर लालपुर ट्रैफिक थाना को भेज दिया. शहर में 994 ई-रिक्शा को चलाने की अनुमति, चल रहे पांच हजार से ज्यादा : रांची डीटीओ कार्यालय से 4500 से ज्यादा ई-रिक्शा का निबंधन है. लेकिन रांची नगर निगम ने शहरी क्षेत्र में 994 ई-रिक्शा को चलाने की ही अनुमति दी है. जबकि शहर में पांच हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चलते हैं. लेकिन आरटीए, डीटीओ सहित ट्रैफिक पुलिस ऐसे वाहनों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है. इसके कारण ऑटो व ई-रिक्शा के चालकों की मनमानी से पूरा शहर त्रस्त है. चार माह में बिना परमिट के 1800 ऑटो व 2600 ई-रिक्शा का कटा चालान : ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े के अनुसार इस वर्ष जनवरी से लेकर अप्रैल 2024 तक बिना परमिट के चलने वाले 200 ऑटो व 225 ई-रिक्शा को जब्त किया गया है. जबकि इस दौरान बिना परमिट वाले 1800 ऑटो व 2600 ई-रिक्शा का चालान काटा गया है. उसमें नो पार्किंग, बिना लाइसेंस व रांग साइड में वाहन चलाने वालों का चालान शामिल है. 2018 में ई-रिक्शा को निगम ने बांटा था रूट पास, कोरोना काल में हुआ बंद : शहर की किस सड़क पर कितनी ई-रिक्शा चलेगी, इसको लेकर रांची निगम द्वारा सभी ई-रिक्शा चालकों के बीच रूट पास का वितरण किया गया था. इसमें जिस ई-रिक्शा को जहां का रूट पास दिया गया था, उसे उसी सड़क पर चलना था. दूसरे रूट में चलने पर ऐसे ई-रिक्शा चालक से 25 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाना था. लेकिन कोरोना आने के बाद रूट पास का सिस्टम बंद हो गया. आज हालत यह हो गयी है कि जिस ई-रिक्शा को जिस रूट में चलाने का मन कर रहा है, वह वहां चला रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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