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केडीएच खदान 18 से बंद कराने की बनी रणनीति

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केडीएच खदान 18 से बंद कराने की बनी रणनीति

बिहार कोलियरी कामगार यूनियन ने रैयतों के साथ विश्रामपुर में की बैठक खलारी. बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के बैनर तले विश्रामपुर पंचायत सचिवालय में रैयत ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता यूनियन के जोनल अध्यक्ष रतिया गंझू ने की. बैठक में 2013 में सीसीएल द्वारा अधिगृहीत की गयी 390.95 एकड़ भूमि के बदले रैयतों को नौकरी और मुआवजा नहीं मिलने के मुद्दे पर गहन चर्चा हुई. साथ ही यूनियन के बैनर तले 18 सितंबर से केडीएच खदान को अनिश्चितकालीन बंद करने की घोषणा पर रणनीति बनायी गयी. वहीं यूनियन के जोनल अध्यक्ष रतिया गंझू ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के बाद भी आज तक प्रभावित रैयतों को न तो नौकरी दी गयी है और न ही मुआवजा. इस कारण ग्रामीण लगातार परेशानियों से जूझ रहे हैं. कहा कि अब समय आ गया है कि रैयत अपने हक के लिए संगठित हों. उन्होंने सभी प्रभावित ग्रामीणों और रैयतों से अपने हक और अधिकार को लेने के एकजुट होने की अपील की. विस्थापित नेता बहुरा मुंडा ने आरोप लगाया कि सीसीएल ने रैयतों की जमीन लेने के बाद भी न तो नौकरी दी और न ही मुआवजा व सुविधा. सीएसआर, डीएमएफटी मद और पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर कुछ नहीं दिखता. विशनाथ गंझू ने कहा कि सीसीएल अब भी रैयतों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. बैठक में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कहा कि सीसीएल प्रबंधन हमेशा वादाखिलाफी करता आया है. पूर्व में जमुनदोहर बस्ती हटाये जाने के बाद न तो सही मुआवजा मिला और न ही घर बनाने के लिए जमीन दी गयी. संचालन किसुन मुंडा ने किया. बैठक में प्रमुख रूप से यूनियन के क्षेत्रीय सचिव इरफान खान, विश्वनाथ गंझू, तौहीद अंसारी, अजय कुमार , सोनू गंझू, अमर भोक्ता, बालदेव गंझू, लालजीत गंझू, बलदेव गंझू, ललू सिंह, कलेश्वर मुंडा, महावीर गंझू, शिव प्रसाद गंझू, केदार नायक, मेघू गंझू, दशरथ तुरी, मनीष गंझू, सुखदेव गंझू, विक्की मुण्डा, अजय गंझू, मनोज मुण्डा, जीतन गंझू, विजय महतो, सिकंदर गंझू, रौशन गंझू, बलराम गंझू, भोला प्रसाद सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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