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रांची में पांच वर्षों से बंद स्लॉटर हाउस फिर हुआ शुरू, जंग खा रही थी मशीनें

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रांची में पांच वर्षों से बंद स्लॉटर हाउस फिर हुआ शुरू, जंग खा रही थी मशीनें

रांची : रांची शहर के लोगों को हाइजेनिक मांस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कांके में नगर निगम द्वारा हाइटेक स्लॉटर हाउस का निर्माण किया गया है. लेकिन, यह पिछले पांच सालों से बंद था. इस कारण यहां की मशीनें रखे-रखे कबाड़ हो रही थीं. निगम प्रशासक अमित कुमार के आदेश पर गुरुवार से इसका संचालन शुरू कर दिया गया. निगम ने चयनित एजेंसी अर्श एंड अहलाम व माइक्रो ट्रांसमिशन सिस्टम के पदाधिकारियों को स्लॉटर हाउस नियमित रूप से चलने का निर्देश दिया है. गुरुवार को यहां दो खस्सी काटी गयी.

100 रुपये देकर कटवा सकते हैं बकरा व खस्सी :

वधशाला में 100 रुपये देकर कोई भी बकरा व खस्सी कटवा सकते हैं. वध करने से पहले यहां संबंधित पशु की चिकित्सीय जांच की जायेगी. सब कुछ ठीक पाये जाने पर उसे काट पर संबंधित व्यक्ति को मांस सौंप दिया जायेगा.

1000 बकरा प्रतिदिन काटने की है क्षमता :

पांच एकड़ में फैले इस प्लांट में प्रतिदिन 1000 बकरा व खस्सी काटने की क्षमता है. यहां पर झटका व हलाल दोनों तरीके से पशु वध करने की सुविधा है. पशु वध से लेकर मांस निकालने की सारी प्रक्रिया यहां मशीन से होती है.

चार फरवरी को प्रभात खबर में छपी थी खबर :

कांके में 18 करोड़ की लागत से बने स्लॉटर हाउस की बदहाली से संबंधित खबर प्रभात खबर में चार फरवरी को प्रमुखता से प्रकाशित की गयी थी. इसमें यह बताया गया था कि पांच वर्षों से बंद होने के कारण यहां मशीनों में जंग लग रहे हैं. वहीं, परिसर में जंगली घास उग आये हैं. इसके बाद निगम ने इसे चालू करने का आदेश दिया.

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