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Home Badi Khabar इन शर्तों के कारण जन्म प्रमाण पत्र बनाने में लोगों के छूट रहे पसीने, मजिस्ट्रेट कर रहे मनमानी

इन शर्तों के कारण जन्म प्रमाण पत्र बनाने में लोगों के छूट रहे पसीने, मजिस्ट्रेट कर रहे मनमानी

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इन शर्तों के कारण जन्म प्रमाण पत्र बनाने में लोगों के छूट रहे पसीने, मजिस्ट्रेट कर रहे मनमानी

Ranchi: रांची नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र बनाना पहले भी कठिन था. लेकिन, अब इसे ज्यादा जटिल बना दिया गया है. वहीं, अगर बच्चे की उम्र एक साल से अधिक है, तो उसके प्रमाण पत्र को गवाही के लिए नगर निगम से एसडीओ कार्यालय भेजा जाता है. यहां पर गवाही होने के बाद आवेदनों को वापस नगर निगम भेजा जाता है. लेकिन, गवाही की इस प्रक्रिया को एसडीओ कार्यालय में पदस्थापित मजिस्ट्रेट ने काफी जटिल बना दिया है. मजिस्ट्रेट ने जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत ऐसी-ऐसी शर्तें रखी हैं कि इसे पूरा करने में अभिभावकों के पसीने छूट रहे हैं.

निगम में 1000 से अधिक आवेदन पेंडिंग

एसडीओ कार्यालय में पदस्थापित मजिस्ट्रेट की मनमानी का खमियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है. जटिल शर्तों को जोड़ कर मजिस्ट्रेट ने 1000 से अधिक आवेदनों को निगम में वापस भेज दिया है. मजिस्ट्रेट ने कहा है कि सभी शर्तें पूरा करने वाले आवेदनों को ही हमारे पास भेजें. वहीं, निगम कर्मियों का कहना है कि रांची में जो शर्तें रखी गयी हैं, वैसी शर्तें राज्य के किसी भी निकाय में नहीं हैं. ऐसी शर्तें रख लोगों को परेशान किया जा रहा है.

अब इन चीजों की जरूरत है प्रमाण पत्र के लिए

  • आवेदन के साथ फॉर्म-10 व फॉर्म सात संलग्न करना होगा

  • संलग्न कागजात स्व अभिप्रमाणित होने चाहिए

  • फॉर्म एक पूरी तरह भरा हुआ व अग्रसारण पदाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित हो

  • आंगनबाड़ी सेविका का प्रतिवेदन पंजी के प्रति के साथ हो

  • अस्पताल का मूल प्रमाण पत्र रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ

  • जन्म स्थान के दो लोगों की अनुशंसा पहचान पत्र के साथ, तिथि के साथ उनका हस्ताक्षर भी

  • बच्चे के माता-पिता दोनों का आधार कार्ड संलग्न करना होगा

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पहले ऐसे बनता था जन्म प्रमाण पत्र

पूर्व में गवाही के लिए जो भी आवेदन नगर निगम से जिला प्रशासन के पास भेजा जाता है, उसमें आवेदक को एक शपथ पत्र, आंगनबाड़ी केंद्र या अस्पताल का प्रमाण पत्र, माता या पिता में से किसी एक का आधार या वोटर कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र का भरा हुआ फॉर्म व साथ में उदघोषणा फॉर्म भरकर देना पड़ता था. इसके बाद एक सप्ताह में एसडीओ कार्यालय से गवाही होकर आवेदन निगम में आ जाता था. निगम कर्मियों ने कहा : रांची में जो शर्तें रखी गयी हैं, वैसी शर्तें राज्य के किसी भी निकाय में नहीं हैं.

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