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Home झारखण्ड रांची सिविल कोर्ट के बाद अब रांची समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस छावनी बना डीसी ऑफिस

सिविल कोर्ट के बाद अब रांची समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस छावनी बना डीसी ऑफिस

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सिविल कोर्ट के बाद अब रांची समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस छावनी बना डीसी ऑफिस
रांची डीसी ऑफिस में तलाशी करती डॉग स्क्वॉड की टीम.

Ranchi Bomb Threat: राजधानी रांची में सिविल कोर्ट को मिली धमकी के बाद अब समाहरणालय यानी डीसी ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया.

ई-मेल से मिली धमकी, मचा हड़कंप

जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए. डीसी ऑफिस परिसर में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. कार्यालय में मौजूद कर्मियों और आम लोगों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ परिसर

एहतियातन पूरे समाहरणालय परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई. आने-जाने वालों की सघन जांच शुरू कर दी गई है.

डॉग स्क्वॉड से ली जा रही मदद

बम की आशंका को देखते हुए डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया. परिसर के हर कोने की गहन तलाशी ली जा रही है. फिलहाल पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.

6 फरवरी को दी गई थी सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी

इससे पहले 6 फरवरी को रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. यह धमकी सिविल कोर्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई. मेल मिलते ही कोर्ट प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रांची पुलिस तुरंत हरकत में आ गईं.

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पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी

रांची में समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी से पहले बिहार की राजधानी पटना में भी सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई है. 24 घंटे में दूसरी बार कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई है. यह धमकी भी ई-मेल के जरिए भेजी गई है. इससे, प्रशासनिक स्तर पर पूरे पटना में हड़कंप मचा हुआ है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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