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दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एनएल कुमार ने की प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस में बदलाव की मांग

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दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एनएल कुमार ने की प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस में बदलाव की मांग
एनएल कुमार.

Railway Bonus News: दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस (SERMC) के महामंत्री एनएल कुमार ने रेल कर्मचारियों के हित में बड़ी और महत्वपूर्ण बात कही है. बोनस का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा है कि रेलवे प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) की वर्तमान नीति में संशोधन की जरूरत है. उन्होंने ये बातें नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के महासचिव डॉ एम राघवैया को लिखे एक पत्र में कहीं हैं.

योगदान के अनुसार नहीं मिलता कर्मचारियों को बोनस

एनएल कुमार ने पत्र में कहा है कि वर्तमान PLB (प्रोडक्शन लिंक्ड बोनस) प्रणाली की वजह से लगभग 70-80 प्रतिशत कर्मचारियों को उनके योगदान के अनुसार बोनस नहीं मिल पाता है. इससे बोनस का उद्देश्य (उत्पादकता से इनाम को जोड़ने का उद्देश्य) पूरा नहीं हो पा रहा है. एनएल कुमार ने इस सीमा को हटाने का अनुरोध किया है, ताकि रेलवे कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार उचित और न्यायसंगत बोनस मिल सके.

छठे वेतन आयोग पर आधारित है प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के नेता कुमार ने यह भी कहा है कि यह नीति छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है. छठा वेतन आयोग अब बहुत पुराना हो चुका है. इसलिए रेलवे को बोनस नीति में भी बदलाव की सख्त जरूरत है. तभी रेलवे के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें उनकी मेहनत का उचित पुरस्कार उन्हें मिल सकेगा.

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Railway Bonus: रेलवे को लाभ, तो बोनस में भेदभाव क्यों?

एनएल कुमार ने सवाल किया है कि जब रेलवे कर्मचारियों की मेहनत से माल ढुलाई और रेलवे की आय लगातार बढ़ रही है, तो बोनस देने में भेदभाव क्यों? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन ने इस मांग को नजरअंदाज किया, तो भविष्य में इसके खिलाफ कोर्ट का सहारा लेने से पीछे नहीं रहेंगे. उन्होंने NFIR से आग्रह किया है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दे को गंभीरता से उठाये.

एनएल कुमार को उम्मीद – मिलेगा न्यायसंगत बोनस

एनएल कुमार ने हालांकि कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस विषय पर उचित फोरम पर बात होगी और रेलवे के सभी कर्मचारियों को उचित और न्यायसंगत बोनस मिलेगा. उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के नेतृत्व और कोशिशों से जल्द ही इस मांग का सकारात्मक हल निकलेगा और भारतीय रेलवे के सभी कर्मचारियों को न्यायसंगत बोनस मिल सकेगा.

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