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Home झारखण्ड रांची मोदी सरकार ने झारखंड-बिहार को 3169 करोड़ की सौगात दी, बाबाधाम से जुड़ेगा तारापीठ

मोदी सरकार ने झारखंड-बिहार को 3169 करोड़ की सौगात दी, बाबाधाम से जुड़ेगा तारापीठ

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मोदी सरकार ने झारखंड-बिहार को 3169 करोड़ की सौगात दी, बाबाधाम से जुड़ेगा तारापीठ
पीएम मोदी ने झारखंड, बिहार और बंगाल को दी रेल लाइन की सौगात.

PM Modi Gift to Jharkhand-Bihar-West Bengal| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने झारखंड और बिहार को 3,169 करोड़ रुपए की सौगात दी है. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे 12 ज्योतिर्लिंगों में एक बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) को पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट स्थित शक्तिपीठ से जोड़ा जायेगा. इसके लिए भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट सिंगल रेलवे लाइन को डबल लाइन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है. भारतीय रेलवे की 177 किलोमीटर रेल लाइन को डबल करने वाली इस योजना पर 3,169 करोड़ रुपए खर्च होंगे.

ज्योतिर्लिंग से जुड़ जायेगा एक और शक्तिपीठ

कैबिनेट की बैठक के बाद अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद देवघर और तारापीठ समेत कई जगह रेल से जुड़ जायेंगे. इससे देश के अन्य हिस्सों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन पर्यटन स्थलों पर आने में आसानी होगी.

PM Modi Gift to Jharkhand-Bihar Bengal: 28.72 लाखों को होगा फायदा

उन्होंने बताया कि मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के कई फायदे होंगे. इससे करीब 441 गांवों और 28.72 लाख आबादी को फायदा होगा. खासकर बांका, गोड्डा और दुमका जिले के लोगों को. वित्तीय मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में कहा गया कि इससे रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी होगी और इस रूट पर ट्रेनों में होने वाली भीड़ में कमी आयेगी.

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पीएम मोदी के न्यू इंडिया विजन के करीब है है योजना

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया विजन के बेहद करीब है. उनका मानना है कि न्यू इंडिया से ही भारत ‘आत्मनिर्भर’ बनेगा. रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से उसके आसपास के लोगों को रोजगार मिलेगी. स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में भी समृद्धि आयेगी.

पीएम-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान का हिस्सा है योजना

उन्होंने कहा कि यह परियोजना पीएम-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान का हिस्सा है, जो मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर फोकस करता है. इस परियोजना से निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी. लोग एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे, सामान को आसानी से समय पर एक शहर से दूसरे शहर और राज्य में पहुंचाया जा सकेगा.

15 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी माल की ढुलाई

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कोयला, सीमेंट, खाद, ईंट और पत्थर इत्यादि के परिवहन के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण रूट है. आने वाले दिनों में इस रूट पर 15 मिलियन टन प्रति वर्ष माल की ढुलाई हो सकेगी. उन्होंने कहा कि रेल पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सेवा देता है. यह आवागमन और माल ढुलाई का बेहतरीन साधन है. इसलिए यह न केवल कार्बन उत्सर्जन में कटौती में मददगार होगा, बल्कि माल ढुलाई में भी वृद्धि होगी.

5 करोड़ लीटर तेल का कम करना होगा इम्पोर्ट

उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन के बनकर तैयार हो जाने से हर साल 5 करोड़ लीटर तेल के इम्पोर्ट में कमी आयेगी. प्रति वर्ष 24 करोड़ किलो कार्बन उत्सर्जन में कमी आयेगी, जो 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा.

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