[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची झारखंड को 3063 करोड़ की सौगात, कोडरमा-बरकाकाना मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट से देश को होंगे इतने फायदे

झारखंड को 3063 करोड़ की सौगात, कोडरमा-बरकाकाना मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट से देश को होंगे इतने फायदे

0
झारखंड को 3063 करोड़ की सौगात, कोडरमा-बरकाकाना मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट से देश को होंगे इतने फायदे
कोडरमा-बरकाकाना रेल लाइन की सौगात से बिहार और झारखंड के लोगों को होगा फायदा.

PM Modi Gift To Jharkhand|Multitracking Project: केंद्र सरकार ने झारखंड को एक बड़ी सौगात दी है. हालांकि, इस सौगात का फायदा देश को भी होगा. न केवल कार्बन उत्सर्जन कम होगा, बल्कि सालाना 32 करोड़ लीटर डीजल की बचत भी होगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे कोडरमा-बरकाकाना मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट पर कम चल रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट की वजह से जो कार्बन डाई ऑक्साईड की बचत होगी, वह 7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है. इतना ही नहीं, इस परियोजना की वजह से देश को 32 करोड़ लीटर डीजल की सालाना बचत होगी.

कोडरमा-बरकाकाना मार्ग पर खर्च होंगे 3,063 करोड़

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 133 किलोमीटर लंबा कोडरमा-बरकाकाना (अरीगडा) डबलिंग प्रोजेक्ट एक बड़ी परियोजना है. इस परियोजना पर कुल 3,063 करोड़ रुपए खर्च होंगे. यह रांची और पटना के बीच सबसे छोटी लाइन है. इस परियोजना के पूरी हो जाने के बाद कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों की कनेक्टिविटी बढ़ जायेगी.

938 गांव की 15 लाख आबादी को होगा फायदा

वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना से 938 गांवों की 15 लाख आबादी को फायदा होगा. इतना ही नहीं, इस मार्ग से अतिरिक्त 30.4 मिलियन टन माल की ढुलाई संभव हो जायेगी. इससे पर्यावरण को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि अगर इतने माल की ढुलाई सड़क मार्ग से की जाये, तो बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होगा. अश्विनी वैष्णव केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिपरिषद में लिये गये फैसलों के बारे में जानकारी दे रहे थे.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

6,405 करोड़ की 2 रेलवे ट्रैक दोहरीकरण परियोजनाओं को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 7 जिलों से होकर गुजरने वाली 2 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी कुल लागत 6,405 करोड़ रुपए है. मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में इन दोनों रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी. बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई.

133 किलोमीटर का है कोडरमा-बरकाकाना ट्रैक

स्वीकृत परियोजनाओं में से एक 133 किलोमीटर लंबे कोडरमा-बरकाकाना ट्रैक के दोहरीकरण से संबंधित है. यह ट्रैक न केवल झारखंड के एक प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र से होकर गुजरता है, बल्कि पटना एवं रांची के बीच का सबसे छोटा और अधिक सक्षम रेल संपर्क मार्ग भी है. दूसरी परियोजना 185 किलोमीटर लंबे बेल्लारी-चिकजाजुर ट्रैक के दोहरीकरण की है. यह ट्रैक कर्नाटक के बेल्लारी एवं चित्रदुर्ग जिलों और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से होकर गुजरता है.

रेल मार्ग से कोयला समेत इन चीजों की होगी ढुलाई

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये रेल मार्ग कोयला, लौह अयस्क, तैयार इस्पात, सीमेंट, उर्वरक, कृषि एवं पेट्रोलियम उत्पादों जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक हैं. इनकी क्षमता में वृद्धि से 4.9 करोड़ टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी. ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव रेलवे परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार किये गये हैं.

इसे भी पढ़ें

Hazaribagh News: चरही के चिंतपूर्णी स्टील फैक्ट्री की भट्ठी में ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी

झारखंड के सभी मतदान केंद्रों एवं उनके क्षेत्र की होगी जियो फेंसिंग, होंगे कई फायदे

Kal Ka Mausam: 12 जून को झारखंड के 20 जिलों में आंधी के साथ वज्रपात का येलो अलर्ट

आज 11 जून 2025 को आपके जिले में क्या है एलपीजी सिलेंडर की कीमत, यहां चेक करें रेट

Previous article Bihar Sarkari Naukri 2025: बिहार परिवहन विभाग में MV इंस्पेक्टर बनने का मौका, 10वीं पास के साथ चाहिए ये योग्यता
Next article Samastipur : कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के वैज्ञानिकों की टीम ने किया भ्रमण
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel