[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची सरकार से पहले खलिहान पहुंचे बिचौलिये, गढ़वा-पलामू में 1600-1700 रुपए की दर से धान बेच रहे किसान

सरकार से पहले खलिहान पहुंचे बिचौलिये, गढ़वा-पलामू में 1600-1700 रुपए की दर से धान बेच रहे किसान

0
सरकार से पहले खलिहान पहुंचे बिचौलिये, गढ़वा-पलामू में 1600-1700 रुपए की दर से धान बेच रहे किसान
झारखंड में अब तक शुरू नहीं हुई धान की सरकारी खरीद.

Paddy Procurement| रांची, सतीश कुमार : झारखंड में अधिकांश जिलों में धनकटनी के बाद किसानों के खलिहान तक धान पहुंच गये हैं. लेकिन सरकार द्वारा अब तक धान खरीदारी की प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी है. बोनस पर भी अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है. दूसरी तरफ धनकटनी पूरी होते ही बिचौलिये सक्रिय हो गये हैं. गढ़वा और पलामू में बिचौलिये 1600-1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान की खरीद कर रहे हैं. सरकार की ओर से एक दिसंबर से धान खरीद की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की गयी थी, लेकिन अब तक ना तो धान खरीद की तिथि तय हो पायी है और ना ही बोनस तय हुआ है. खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से खरीफ विपणन मौसम के दौरान 2025-26 में धान खरीद को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है. पहली बार किसानों को लेकर धान खरीद के बाद एकमुश्त राशि देने का निर्णय लिया गया है.

2369 किलो एमसपी और 100 रुपए बोनस का केंद्र ने दिया प्रस्ताव

केंद्र सरकार की ओर से धान के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल के अलावा लगभग 100 रुपए बोनस देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, लेकिन इस पर अब तक कैबिनेट की मुहर नहीं लग पायी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कैबिनेट के निर्णय होने के बाद संकल्प जारी होगा. इसके बाद किसानों से क्रय किये गये धान के भुगतान को लेकर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट निकाल कर बैकों से लगभग 1000 करोड़ रुपए कर्ज लिये जायेंगे. ऐसे में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू होने में विलंब हो सकता है. पिछली बार सरकार की ओर से 15 दिसंबर से धान की खरीद शुरू की गयी थी.

Paddy Procurement: 2.50 लाख ज्यादा किसानों ने कराया निबंधन

सरकार को धान बेचने के लिए राज्य में 2,50,329 किसानों ने निबंधन कराया है. निबंधन की प्रक्रिया जारी है. सरकार निबंधित किसानों से ही धान की खरीद करती है. इसके लिए किसानों को एसएमएस भेजा जाता है. पिछले वर्ष राज्य में 58,558 किसानों से 40.08 लाख क्विंटल धान की खरीद की गयी थी.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पड़ोसी राज्यों में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू

झारखंड के पड़ोसी राज्यों में धान की सरकारी खरीद शुरू हो गयी है. पश्चिम बंगाल में एक नवंबर से और छत्तीसगढ़ व बिहार में 15 नवंबर से ही धान की खरीद हो रही है. मॉनसून की अच्छी बारिश के कारण इस वर्ष 2025-26 में 47.66 लाख धान उत्पादन होने का अनुमान है. वर्ष 2024-25 में राज्य में 41.38 लाख टन व वर्ष 2023-24 में 29.25 लाख टन धान का उत्पादन हुआ था. पिछले 5 वर्षों में सबसे कम 19.09 लाख टन उत्पादन हुआ था.

धान क्रय में 3 वर्षों से लक्ष्य में पीछे है सरकार

पिछले 3 वर्षों में झारखंड सरकार अपने धान क्रय लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रही है. लगातार 2 वर्षों (2022-23 व 2023-24) में सूखे की स्थिति और किसानों की उदासीनता के कारण धान की खरीदारी प्रभावित हुई. किसानों ने सरकारी खरीद प्रणाली से दूरी बनायी, जिससे लक्ष्य का सिर्फ एक तिहाई हिस्सा ही पूरा हो पाया.

वित्तीय वर्ष लक्ष्य खरीद हुई प्रतिशत

वित्तीय वर्षधान खरीद का लक्ष्यधान खरीद हुईप्रतिशत में
2024-2560 लाख क्विंटल40.08 लाख क्विंटल67 प्रतिशत
2023-2460 लाख क्विंटल17.02 लाख क्विंटल29 प्रतिशत
2022-2360 लाख क्विंटल17.16 लाख क्विंटल29 प्रतिशत

खलिहान में 50 क्विंटल धान काटकर रखा हुआ है. लेकिन धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से नुकसान झेलना पड़ रहा है. यदि जल्द धान की खरीद शुरू नहीं हुई, तो किसानों का धान खलिहान में रखे-रखे बर्बाद हो जायेगा. कई किसान व्यापारियों को 1600-1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने को मजबूर हैं.

प्रभात कुमार, किसान, गढ़वा, मेराल प्रखंड

इसे भी पढ़ें

दो लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य, लैंप्सों की तैयार हो रही सूची

Giridih News : देवरी में नहीं शुरू हुआ धान खरीद केंद्र

Giridih News : गांडेय में नहीं खुला धान खरीद केंद्र, किसान परेशान

Ranchi News : धान खरीद का लक्ष्य 60 लाख क्विंटल, डेढ़ माह में 15.56 लाख की खरीदारी

Previous article ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में जिस इजरायली हथियार ने पाकिस्तान पर ढाया कहर, भारत ने उसकी खरीद के लिए किया करार
Next article Bihar Ka Mausam: अलर्ट! बिहार में पारा 7°C से नीचे जाने को तैयार, 19 दिसंबर से पहले ही फ्रिज मोड में आ जाएगा राज्य
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel