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Education News : शिक्षकों को एक सेमेस्टर में कम से कम 15 सप्ताह पढ़ाना होगा

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Education News : शिक्षकों को एक सेमेस्टर में कम से कम 15 सप्ताह पढ़ाना होगा

रांची (विशेष संवाददाता). विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2025 रेगुलेशन ड्राफ्ट के मुताबिक अब विवि व कॉलेज के शिक्षक के लिए एक सेमेस्टर में कम से कम 15 सप्ताह का शिक्षण दिवस होगा. शेष अवधि उनके अनुसंधान और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के लिए होगी. छुट्टियों में दो सप्ताह की कटौती के बदले में विवि के शिक्षकों को अर्जित अवकाश की अवधि का एक तिहाई हिस्सा लिया जा सकता है.

हालांकि कॉलेजों के पास एक वर्ष में कुल 10 सप्ताह की छुट्टी और कोई अर्जित अवकाश का विकल्प हो सकता है. शिक्षकों का प्रति कार्य दिवस आठ घंटे से कम नहीं होना चाहिए. नये रेगुलेशन के मुताबिक शिक्षकों द्वारा शोध व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में उपयोग किया जानेवाला समय उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा बहु विषयक शिक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जायेगा. एक शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों को 30 दिन का ड्यूटी लीव मिलेगा. वह भी ओरिएंटेशन प्रोग्राम, रिफ्रेशर कोर्स, रिसर्च मैथेडोलॉजी, वर्कशॉप, फेकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम, कॉन्फ्रेंस, सिम्पोजियम, सेमिनार के लिए मिलेगा. शिक्षकों को एक शैक्षणिक वर्ष में आठ दिन का सीएल मिलेगा. सेवानिवृत्ति के पांच वर्ष बचे रहने पर शिक्षकों, लाइब्रेरियन, फिजिकल असिस्टेंट डायरेक्टर व स्पोटर्स को स्टडी लीव नहीं दी जायेगी. शिक्षक को स्पेशल केजुअल लीव एक शैक्षणिक वर्ष में 10 दिन का मिलेगा. महिला शिक्षक को पूर्ण वेतन के साथ 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा. जबकि पितृत्व अवकाश 15 दिन का मिलेगा. वह भी दो बच्चे ही होने पर.

कुलपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा

नये रेगुलेशन के मुताबिक कुलपति का कार्यकाल पांच वर्ष या फिर उम्रसीमा 70 वर्ष (जो पहले हो) के तहत होगी. अगर उम्रसीमा है, तो पुन: एक बार पुनर्नियुक्ति की जा सकेगी. कॉलेज प्राचार्य की नियुक्ति पांच वर्ष के लिए होगी. एक ही कॉलेज में अधिकतम दो बार ही रह सकते हैं. कार्यकाल पूरा होने पर वे प्रोफेसर के रूप में वापस अपने मूल विभाग में जा सकेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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