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तप और त्याग की प्रतिमूर्ति मां ब्रह्मचारिणी की हुई पूजा

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तप और त्याग की प्रतिमूर्ति मां ब्रह्मचारिणी की हुई पूजा

प्रतिनिधि, खलारी.

वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को पूरा खलारी क्षेत्र मां ब्रह्मचारिणी की आराधना और शतचंडी महायज्ञ के वैदिक मंत्रों से गुंजायमान रहा. मां दुर्गा की नौ शक्तियों के दूसरे स्वरूप देवी ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गयी. क्षेत्र के पहाड़ी मंदिर, हुटाप मंदिर और चामा स्थित चंडी स्थान सहित विभिन्न मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है. करकट्टा स्थित प्रसिद्ध देवी मंडप मंदिर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ और शिव महापुराण कथा से पूरा इलाका धर्ममय हो गया है. यज्ञशाला में वृंदावन धाम से पधारे आचार्य सीताराम शरण के सानिध्य में यज्ञाचार्य ओम प्रकाश द्विवेदी व सात पूरोहितों ने अनुष्ठान कराया. दूसरे दिन शुक्रवार को नित्य पूजन के साथ मंडप पूजन, मंत्र जाप और सर्व जन कल्याण की भावना के साथ चंडी पाठ कर हवन किया गया.

आहुति देने से अनजाने में हुए पापों का होता है नाश : यज्ञाचार्य द्विवेदी

महायज्ञ में मुख्य यजमान प्रमोद सिंह व उनकी पत्नी आशा देवी तथा रविंद्र पासवान व उनकी पत्नी अनिता देवी ने अनुष्ठान किये. यज्ञाचार्य ओम प्रकाश द्विवेदी ने मां ब्रह्मचारिणी की महिमा बताते हुए कहा कि आज भगवती की आराधना कर सर्वे भवन्तु सुखिनः की कामना की. उन्होंने बताया कि यज्ञ में आहुति देने से अनजाने में हुए पापों का विनाश होता है और आत्मिक शांति मिलती है.

प्रतिदिन भंडारे का आयोजन :

मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की गयी है. संध्या समय आचार्य सीताराम शरण द्वारा शिव महापुराण की अमृतमयी कथा कही जा रही है, जिसे सुनने के लिए काफी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं. आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर पहुंचकर पुण्य का भागी बनने की अपील की है.

करकट्टा में शतचंडी महायज्ञ के दूसरे दिन गूंजे वैदिक मंत्र

20 खलारी 01:-करकट्टा देवी मंडप प्रांगण में पाठ करते पुरोहित.B

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