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अगस्त में कितनी हुई बारिश, यहां देखें 23 दिन का आंकड़ा

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अगस्त में कितनी हुई बारिश, यहां देखें 23 दिन का आंकड़ा
अगस्त में सबसे ज्यादा 50.2 मिलीमीटर वर्षा 23 अगस्त को हुई. फोटो : प्रभात खबर

Monsoon in Jharkhand: झारखंड में अगस्त के महने में मानसून की बारिश सामान्य से कम रही. हालांकि, इसके पहले जून और जुलाई में सामान्य से अधिक वर्षा हुई. कृषि निदेशालय के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में मानसून के सीजन में 1 से 23 अगस्त 2025 तक 276.2 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए. इस सीजन में 23 अगस्त तक 230.8 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है.

दक्षिणी छोटानागपुर में 281.1 मिमी की जगह 251.6 मिमी वर्षा हुई

दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिले में कुल मिलाकर 281.1 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए, लेकिन इस बार 251.6 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है, जो सामान्य से कम है. अगस्त में इन 23 दिनों में रांची में 248 मिलीमीटर, खूंटी में 254 मिलीमीटर, गुमला में 188.7 मिलीमीटर, सिमेडगा में 182.8 मिलीमीटर और लोहरदगा में 384.5 मिलीमीटर वर्षा हुई है. रांची, गुमला और सिमडेगा में इस महीने सामान्य से कम वर्षा हुई है.

पलामू प्रमंडल में 23 दिन में 174.6 मिमी बारिश हुई

पलामू प्रमंडल के गढ़वा, पलामू और लातेहार जिले में भी इस बार सामान्य से कम वर्षा हुई है. अगस्त (1 से 23 अगस्त तक) के महीने में मानसून के सीजन में गढ़वा में 278.2 मिमी, पलामू में 258.5 मिमी और लातेहार में 355.1 मिमी वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. इस बार गढ़वा में 160.9 मिमी, पलामू में 128.4 मिमी और लातेहार में 234.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गयी है. इस प्रमंडल में अब तक 174.6 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा 297.3 मिमी से बहुत कम है.

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कोल्हान प्रमंडल में 279.7 मिलीमीटर बरसा मानसून

कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में कुल 291.6 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए, लेकिन अब तक 279.7 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से थोड़ा कम है. पूर्वी सिंहभूम में 266.5 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 192.7 मिमी और सरायकेला-खरसावां में 380.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गयी है. इन तीनों जिलों में क्रमश: 301.4, 303.0 और 270.3 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी.

झारखंड के किस प्रमंडल में अगस्त में कितनी हुई बारिश

प्रमंडलवर्षापात
दक्षिणी छोटानागपुर251.6 मिमी
पलामू प्रमंडल174.6 मिमी
कोल्हान प्रमंडल279.7 मिमी
उत्तरी छोटानागपुर221.0 मिमी
संताल परगना228.4 मिमी
कृषि विभाग, झारखंड

हजारीबाग को छोड़ उत्तरी छोटानागपुर के सभी जिलों में सामान्य से कम वर्षा

उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की बात करें, तो यहां 1 से 23 अगस्त के बीच 255.5 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए, लेकिन इस बार 221.0 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है. हजारीबाग में 177.2 मिमी की जगह 182.8 मिमी, रामगढ़ में 183.8 मिमी की जगह 179.7 मिमी, चतरा में 258.4 मिमी की जगह 235.4 मिमी, कोडरमा में 310.8 मिमी की जगह 231.5 मिमी, गिरिडीह में 235.5 मिमी की जगह 231.2 मिमी, धनबाद में 308.3 मिमी की जगह 300.3 मिमी और बोकारो में 314.7 मिमी की जगह 186.4 मिमी वर्षा हुई है. सिर्फ हजारीबाग में सामान्य से मामूली अधिक वृष्टि हुई है.

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संताल परगना में 228.4 मिलीमीटर ही हुई वर्षा

संताल परगना प्रमंडल में भी सामान्य से कम वर्षा हुई है. इस प्रमंडल में 1 से 23 अगस्त के बीच 278.1 मिमी को सामान्य वर्षा माना जाता है. हालांकि, अभी तक 228.4 मिमी वर्षा ही हुई है. दुमका में 256.6 मिमी की जगह 260.8 मिमी, देवघर में 284.0 मिमी की जगह 190.5 मिमी, जामताड़ा में 325.0 मिमी की जगह 238.9 मिमी, गोड्डा में 193.6 मिमी की जगह 225.6 मिमी, साहिबगंज में 216.3 मिमी की जगह 212.0 मिमी और पाकुड़ में 392.3 मिमी की जगह 242.5 मिमी वर्षा हुई है.

झारखंड के किस जिले में कितने दिन हुई वर्षा

अगस्त के महीने में राज्य में हुई वर्षा की बात करें, तो गुमला, धनबाद, जामताड़ा और पाकुड़ ऐसे जिले हैं, जहां 1 से 23 अगस्त तक लगातार बारिश हुई. रांची में 2 दिन, खूंटी में 1 दन, सिमडेगा में 7 दिन, लोहरदगा में 4 दिन, गढ़वा में 3 दिन, पलामू और लातेहार में 5-5 दिन, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में 2-2 दिन वर्षा नहीं हुई. हजारीबाग जिले में 1 दिन, रामगढ़ जिले में 2 दिन, चतरा जिले में 3 दिन, कोडरमा जिले में 5 दिन, गिरिडीह जिले में 1 दिन, बोकारो में 1 दिन, दुमका में 2 दिन, देवघर में 1 दिन, गोड्डा में 3 दिन और साहिबगंज में 4 दिन बारिश नहीं हुई.

किस तारीख को, किस जिले में बारिश नहीं हुई

अब आपको बताते हैं कि किस-किस दिन कितने जिलों में बारिश नहीं हुई. 2 अगस्त को 1 जिले में, 3 अगस्त को 5 जिलों में, 4 अगस्त को 2 जिलों में, 6 अगस्त को 2 जिलों में, 7 अगस्त को 1 जिले में, 10 अगस्त को 2 जिलों में, 11 अगस्त को 2 जिलों में, 12 अगस्त को 11 जिलों में, 13 अगस्त को 5 जिलों में, 14 अगस्त को 3 जिलों में, 15 अगस्त को 5 जिलों में, 16 अगस्त को 7 जिलों में, 17 अगस्त को 4 जिलों में, 18 अगस्त को 2 जिलों में, 19 अगस्त को 1 जिले में, 21 अगस्त को 1 जिले में वर्षा नहीं हुई. 4 अगस्त, 5 अगस्त, 8 अगस्त, 20 अगस्त, और 22 अगस्त को झारखंड के सभी जिलों में वर्षा हुई.

Monsoon in Jharkhand: अगस्त में किस तारीख को कितनी वर्षा हुई

  • 1 अगस्त को 10.5 मिलीमीटर
  • 2 अगस्त को 10.7 मिलीमीटर
  • 3 अगस्त को 10.2 मिलीमीटर
  • 4 अगस्त को 17.4 मिलीमीटर
  • 5 अगस्त को 5.1 मिलीमीटर
  • 6 अगस्त को 7.1 मिलीमीटर
  • 7 अगस्त को 11.7 मिलीमीटर
  • 8 अगस्त को 13.7 मिलीमीटर
  • 9 अगस्त को 4.0 मिलीमीटर
  • 10 अगस्त को 6.6 मिलीमीटर
  • 11 अगस्त को 10.6 मिलीमीटर
  • 12 अगस्त को 3.3 मिलीमीटर
  • 13 अगस्त को 3.0 मिलीमीटर
  • 14 अगस्त को 5.0 मिलीमीटर
  • 15 अगस्त को 4.3 मिलीमीटर
  • 16 अगस्त को 3.9 मिलीमीटर
  • 17 अगस्त को 2.0 मिलीमीटर
  • 18 अगस्त को 5.5 मिलीमीटर
  • 19 अगस्त को 5.3 मिलीमीटर
  • 20 अगस्त को 7.3 मिलीमीटर
  • 21 अगस्त को 6.6 मिलीमीटर
  • 22 अगस्त को 25.8 मिलीमीटर
  • 23 अगस्त को 50.2 मिलीमीटर

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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