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Home झारखण्ड रांची विशाखापत्तनम के बाद अब गुजरात में फंसे 13 प्रवासी श्रमिक, वापसी के प्रयास में जुटी झारखंड सरकार

विशाखापत्तनम के बाद अब गुजरात में फंसे 13 प्रवासी श्रमिक, वापसी के प्रयास में जुटी झारखंड सरकार

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विशाखापत्तनम के बाद अब गुजरात में फंसे 13 प्रवासी श्रमिक, वापसी के प्रयास में जुटी झारखंड सरकार
गुजरात की इसी कंपनी में बंधक बने हुए हैं पूर्वी सिंहभूम के 13 श्रमिक. कुणाल षाड़ंगी ने सीएम से की मदद की अपील.

Migrant Laborers Stuck in Gujarat: आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में बंधक बने बोकारो जिले के 13 प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के एक सप्ताह बाद अब झारखंड के 13 प्रवासी श्रमिकों के गुजरात के कच्छ जिले के बेला में फंसे होने की सूचना मिली है. परिजनों क शिकायत के बाद सूचना मिलते ही झारखंड सरकार ने उन सभी की वापसी की तैयारी शुरू कर दी है. जैसे ही सरकार को इसकी जानकारी मिली, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को श्रमिकों की सुरक्षित वापसी कराने के निर्देश दिये. जिले के उपायुक्त से लेकर श्रम विभाग के प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ तक सक्रिय हो गया. सभी ने मिलकर उनकी वापसी के प्रयास शुरू कर दिये हैं. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

बहरागोड़ा प्रखंड के मटिहाना गांव के हैं मजदूर

पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के मटिहाना निवासी मजदूर एक निजी कंपनी में काम करने के लिए गुजरात गये थे. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा, ‘हमने प्रवासी श्रमिकों से संपर्क किया है. वे सुरक्षित हैं, लेकिन कंपनी ने उन्हें घर लौटने की अनुमति नहीं दी है. हम कंपनी प्रबंधन और गुजरात में संबंधित अधिकारियों से बात करने के बाद उनकी वापसी की व्यवस्था करेंगे.’

Migrant Laborers Stuck In Gujarat East Singhbhum Karna Satyarthi
पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी का बयान.

Migrant Laborers Stuck in Gujarat: कुणाल ने ‘एक्स’ पर हेमंत सोरेन को किया टैग

बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर श्रमिकों की ‘दुर्दशा’ साझा की. इसके बाद हेमंत सोरेन ने जिला प्रशासन और राज्य श्रम विभाग के प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ को उन्हें वापस लाने का निर्देश दिया. कुणाल षाड़ंगी ने आरोप लगाया कि मजदूरों को खाना नहीं दिया जा रहा है और उनका वेतन रोक दिया गया है.

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श्रम पदाधिकारी शिखा लकड़ा ने कहा- सभी की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जायेगी

झामुमो के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने बताया कि मजदूरों के रिश्तेदारों ने बहरागोड़ा पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज करायी है. प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की अधिकारी शिखा लकड़ा ने कहा कि कंपनी प्रबंधन से बात की जायेगी, ताकि श्रमिकों को वेतन मिल सके. साथ ही उनकी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था भी की जायेगी.

Shikha Lakra Labour Officer Ranchi Migrant Control Cell Officer
झारखंड सरकार के प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की अधिकारी शिखा लकड़ा.

विशाखापत्तनम से वापस लाये गये थे बोकारो के 13 श्रमिक

इसी महीने दक्षिण भारत के विशाखापत्तनम की एक कंपनी से झारखंड के 13 प्रवासी श्रमिकों को श्रम विभाग की मदद से सुरक्षित घर लाया गया था. ये लोग बोकारो जिले के रहने वाले थे. सभी को एक ठेकेदार NIKNAM CHEMICALS PRIVATE LTD विशाखापत्तनम में काम करने के लिए ले गया था. पुट्टी का काम करने के दौरान श्रमिकों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आने लगीं, तो उन्होंने घर जाने की इच्छा जतायी. कंपनी ने ठेकेदार के साथ मिलकर उन सभी को बंधक बना लिया. घर जाने की अनुमति नहीं दी. श्रम विभाग को सूचना मिलने पर इन सबकी वापसी सुनिश्चित की गयी.

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