[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar लॉकडाउन में मिली राहत तो सड़कों पर दिखी भीड़, दफ्तर लौट रहे हैं लोग

लॉकडाउन में मिली राहत तो सड़कों पर दिखी भीड़, दफ्तर लौट रहे हैं लोग

0
लॉकडाउन में मिली राहत तो सड़कों पर दिखी भीड़, दफ्तर लौट रहे हैं लोग

लॉकडाउन में मिली राहत के बाद सप्ताह के पहले दिन लोग दफ्तर पहुंचने लगे हैं. सड़क पर गाड़ियों की भीड़ लौट आयी है. ऑटो अपनी रफ्तार से चलने लगे हैं. सड़क पर भीड़ है लेकिन कई दूकानों को अब भी छूट नहीं मिली है. रांची में कैसी भीड़ है जिन दूकानों का राहत मिली है उनका क्या हाल है ? पढ़ें पंकज कुमार पाठक की पूरी रिपोर्ट

https://www.facebook.com/prabhat.khabar/videos/1257278241270907/
सड़क पर चलने लगे हैं ऑटो

जनता कर्फ्यू के एक दिन बाद ही देश में पूरी तरह से लॉकडाउन लागू हो गया इस लॉकडाउन में सबसे ज्यादा जो क्षेत्र प्रभावित हुए उनमें सड़क पर ऑटो चलाने वाले लोग भी शामिल थे. लगभग दो महीने से ज्यादा वक्त से ऑटो बंद थे. लॉकडाउन में कुछ शर्तों के साथ इन्हें भी छूट मिली है. रांची में बिरसाचौक से लेकर रातू रोड के इलाके में ऑटो चलाने वाले कलुआ उरांव बताते हैं कि पिछले तीन महीनों में काफी परेशानी हुई, ऑटो बंद होने के कारण उन्हे ईएमआई भरने में भी दिक्कत हुई लेकिन अब उम्मीद कर रहे हैं कि सड़कों पर भीड़ लौटी है तो कमाई बढ़ेगी.

इस लॉकडाउन में वह रातू रोड में सब्जी की दूकान लगाते थे. कलुआ कहते हैं पहले जैसी कमाई तो मुश्किल लगती है लेकिन उम्मीद है कि इतनी कमाई होगी कि गाड़ी की ईएमआई और घर का खर्च दोनों चल सके. कलुआ बताते हैं कि वह लंबे समय तक गोवा में भी काम कर चुके हैं कुछ साल पहले ही लौटे हैं और ऑटो खरीद कर रांची की सड़कों पर चलाने लगे हैं. आज के माहौल पर कहते हैं कि अच्छा हुआ मैं पहले लौट आया था आज जो स्थिति देखता हूं मन दुखी होता है.

नहीं खुली है कई दुकानें

इस लॉकडाउन में कई तरह की छूट मिली है लेकिन अब भी कपड़े की दुकान, मॉल नहीं खुलें हैं. फिरायलाल लौक के पास मौजूद शास्त्री मार्केट अब भी पूरी तरह बंद हैं. मॉल अभी भी नहीं खुले हैं तो रांची की सड़कों पर भीड़ कम है. सिर्फ वही लोग बाहर निकल रहे हैं जिन्हें कोई जरूरी काम है या अपने दफ्तर जाना है.

अभी भी चिंतिति है फास्ट फूड का ठेला लगाने वाले

रांची की सड़कों पर फास्ट फूड का ठेला लगाने वाले अब भी परेशान हैं. हालांकि कुछ जगहों पर ठेले में आपको फास्ट फूड नजर आयेंगे लेकिन अब भी ज्यादातार दुकानें बंद हैं, रांची के फिरायालाल चौक पर आम बेच रहे व्यक्ति ने बताया कि मैं फास्ट फूड का ठेला लगाता हू्ं लेकिन अभी लॉकडाउन की वजह से आम बेच रहा हूं, कितना कमा पाते हैं इस पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, बहुत कम. रांची के कई इलाकों में गोलगप्पा बेचने वाले लोगों ने अपने घरों के बाहर ही ठेला लगाना शुरू कर दिया है.यहां आकर ग्राहक इनसे गोलगप्पे खा रहे हैं. कई जगहों पर आप छोटे से टोकरे में गोलगप्पा लगाने वाले भी सड़कों पर नजर आयेंगे. इसके अलावा भूना हुआ चना बेचने वाले भी अपनी रेड़ी लेकर निकल पड़े हैं. कई लोगों ने बातचीत में कहा, पहले और अब में फर्क तो है धीरे- धीरे लोग हमारी तरफ लौट आयेंगे.

क्यों निकल रहे हैं लोग बाहर

लॉकडाउन में भले ही छूट मिली है लेकिन अब भी वही लोग बाहर निकल रहे हैं जो जिन्हें बहुत ज्यादा जरूरी है. रांची के गुदड़ी बाजार की रहने वाली अफ्सरी खातून ने हमसे बातचीत में कहा, मैं दवा लेने निकली हूं लेकिन मुझे लगता है कि बंद में राहत देना बहुत जरूरी थी. इसी तरह हमारी बात बैंक में काम कर रहे मनोज मेहता से हुई उन्होंने भी कहा, हम बैंक में काम करते हैं इस लॉकडाउन में भी हमें कभी – कभी बैंक जाना पड़ा हमारे कुछ साथी तो लगातार काम करते रहे, लॉकडाउन खुलना इसलिए भी जरूरी है कि हम कबतक अपने साथियों पर दबाव देंगे, कबतक इस वायरस से डरकर रहेंगे. इसके खत्म होने की कोई तारीख तय नहीं है ऐसे में निकलना जरूरी है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel