[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड रांची लोयला मैदान में पुण्य बृहस्पतिवार की आराधना में शामिल हुए मसीही विश्वासी, बोले आर्चबिशप :प्रभु यीशु की तरह हम भी विनम्र बनें

लोयला मैदान में पुण्य बृहस्पतिवार की आराधना में शामिल हुए मसीही विश्वासी, बोले आर्चबिशप :प्रभु यीशु की तरह हम भी विनम्र बनें

0
लोयला मैदान में पुण्य बृहस्पतिवार की आराधना में शामिल हुए मसीही विश्वासी, बोले आर्चबिशप :प्रभु यीशु की तरह हम भी विनम्र बनें

रांची.

लोयला मैदान में गुरुवार को मसीही विश्वासी पुण्य बृहस्पतिवार की आराधना में शामिल हुए. इस दौरान आर्चबिशप विसेंट आईंद ने विश्वासियों के पैर धोये. पैर धोना विनम्रता का प्रतीक है. प्रभु यीशु मसीह ने भी अपने 12 शिष्यों के पैर धोये थे. इस मौके पर अपने संदेश में आर्चबिशप ने कहा कि घुटना टेकना विनम्रता का प्रतीक है. प्रभु यीशु की तरह हम भी विनम्र बनें.

उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु मसीह को मालूम था कि अंतिम घड़ी आ गयी है. उन्होंने अपने शिष्यों को रोटी दी और कहा लो यह मेरा शरीर है. इसे खाओ. इसके बाद उन्होंने कटोरा लेकर कहा कि यह मेरा रक्त है. इसे पीयो. इस विधि से प्रभु यीशु मसीह ने पवित्र यूखरिस्त की स्थापना की. इस विशेष आराधना विधि में फादर आनंद डेविड, संत अल्बर्ट कॉलेज के रेक्टर अजय कुमार खलखो सहित अन्य पुरोहित शामिल हुए. गौरतलब है कि यह आराधना यीशु मसीह की क्रूस मृत्यु के एक दिन पूर्व की घटनाओं की स्मृति में की जाती है. प्रभु यीशु मसीह ने अपने शिष्यों के साथ अंतिम भोज किया था. जिसमें उन्होंने पवित्र यूखिरिस्त को स्थापित किया था. उन्होंने अपने शिष्यों को कहा था कि तुमलोग यह मेरी स्मृति में करना. भोज से पूर्व प्रभु ने अपने शिष्यों के पैर धोये थे. उन्होंने यह आदर्श स्थापित किया था कि वे प्रभु होकर अपने शिष्यों के पैर धो सकते हैं, तो हम मनुष्य भी वैसा ही करें.

गुड फ्राइडे की आराधना आज, प्रभु की क्रूस मृत्यु की घटना पर मनन करेंगे विश्वासी :

मसीही विश्वासी 29 मार्च को गुड फ्राइडे की आराधना में शामिल होंगे. यह दिन यीशु मसीह की क्रूस मृत्यु से संबंधित है. पिलातुस के आदेश पर प्रभु यीशु मसीह को क्रूस मृत्यु की सजा दी गयी थी. मानव जाति के उद्धार के लिए प्रभु यीशु ने क्रूस पर अपना बलिदान दिया. इस घटना के स्मरण में शुक्रवार को मसीही विश्वासी आराधना के दौरान मनन चिंतन करेंगे. संत मरिया महागिरजाघर में शुक्रवार की सुबह वंदना और पाप स्वीकार की जायेगी. दिन के 10 बजे से क्रूस रास्ता की आराधना होगी. शाम 4:30 बजे से लोयला मैदान में पुण्य शुक्रवार की विधि में हजारों विश्वासी शामिल होंगे. बहूबाजार स्थित संत पॉल्स कैथेड्रल में सुबह छह बजे से विशेष आराधना होगी. सुबह नौ बजे से दिन के 12 बजे तक तीन घंटे का ध्यान कार्यक्रम होगा. इसमें पेरिश प्रिस्ट डेविड उपदेश देंगे. आराधना का संचालन रेव्ह एम ओड़ेया करेंगे. मेन रोड स्थित क्राइस्ट चर्च में सुबह 6:30 बजे से विशेष आराधना होगी.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel