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Home झारखण्ड रांची जेपीएससी सिविल सर्विस पीटी रिजल्ट जारी होने का रास्ता साफ, उम्र सीमा विवाद पर हाईकोर्ट ने खत्म की सुनवाई

जेपीएससी सिविल सर्विस पीटी रिजल्ट जारी होने का रास्ता साफ, उम्र सीमा विवाद पर हाईकोर्ट ने खत्म की सुनवाई

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जेपीएससी सिविल सर्विस पीटी रिजल्ट जारी होने का रास्ता साफ, उम्र सीमा विवाद पर हाईकोर्ट ने खत्म की सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट. फाइल फोटो.

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

JPSC Civil Service: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या 01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का परिणाम जल्द जारी होने की संभावना है. झारखंड हाईकोर्ट ने उम्र सीमा में छूट को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं का निपटारा कर दिया है. इसके साथ ही पीटी परीक्षा परिणाम जारी करने का रास्ता भी साफ हो गया है, जो अदालत के अंतरिम आदेश के कारण अब तक रुका हुआ था.

उम्र सीमा विवाद पर हाईकोर्ट का फैसला

झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में अधिकतम उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर दायर विभिन्न रिट याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उनका निष्पादन कर दिया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार ने कट-ऑफ तिथि में संशोधन करते हुए अभ्यर्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में चार वर्ष की छूट प्रदान कर दी है. ऐसे में याचिकाओं में उठाए गए मुख्य मुद्दे का समाधान हो चुका है.

सरकार को उम्र सीमा तय करने का अधिकार

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा निर्धारित करना राज्य सरकार का नीतिगत अधिकार है. यह नीति निर्धारण का विषय है और सामान्य परिस्थितियों में न्यायालय इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता. हाईकोर्ट के इस स्पष्ट रुख के बाद उम्र सीमा से जुड़ा विवाद समाप्त हो गया है.

अब पीटी रिजल्ट जारी करने में नहीं होगी देरी

मामले के निष्पादन के साथ ही संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी करने की राह भी साफ हो गई है. सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने अदालत को बताया कि प्रारंभिक परीक्षा पहले ही आयोजित की जा चुकी है और उसका परिणाम लगभग तैयार है. हालांकि अदालत के अंतरिम आदेश के कारण आयोग अब तक परिणाम प्रकाशित नहीं कर सका. उन्होंने अदालत से परिणाम प्रकाशन पर लगी रोक हटाने का अनुरोध किया, जिसे अब मामले के निस्तारण के बाद राहत मिल गई है.

अदालती आदेश पर अभ्यर्थियों को मिला था चांस

जेपीएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुपालन में याचिकाकर्ताओं के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए गए थे और उन्हें प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दी गई थी. साथ ही यह भी कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा संशोधित कट-ऑफ तिथि के दायरे में आने वाले सभी पात्र अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा.

अभ्यर्थियों ने उम्र सीमा में छूट की थी मांग

उल्लेखनीय है कि किशोर कुमार मंडल सहित अन्य अभ्यर्थियों ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर अधिकतम उम्र सीमा में छूट देने की मांग की थी. याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वर्ष 2021 की नियमावली में अधिकतम आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान मौजूद है. इसके अलावा वर्ष 2016 और 2017 की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षाओं में भी अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट दी गई थी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की परीक्षा में भी अधिकतम आयु सीमा की गणना के लिए कट-ऑफ वर्ष 2018 माना जाना चाहिए और पूर्व की तरह आयु सीमा में छूट दी जानी चाहिए.

जेपीएससी नियमावली का भी दिया गया हवाला

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि जेपीएससी की नियमावली में प्रत्येक वर्ष संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करने तथा आवश्यक परिस्थितियों में आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान है. उनका कहना था कि परीक्षा नियमित रूप से आयोजित नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं, इसलिए उन्हें राहत मिलनी चाहिए.

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12 फरवरी को हाईकोर्ट ने दिया था अंतरिम आदेश

इस मामले में हाईकोर्ट ने 12 फरवरी 2026 को अंतरिम आदेश पारित किया था. अदालत ने जेपीएससी को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ताओं के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएं और उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया जाए. हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि उसकी अनुमति के बिना प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम प्रकाशित नहीं किया जाएगा. इसी कारण आयोग परिणाम जारी नहीं कर सका था. अब हाईकोर्ट द्वारा सभी याचिकाओं का निष्पादन किए जाने के बाद जेपीएससी के लिए प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी करने की कानूनी बाधा समाप्त हो गई है. ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों को अब पीटी रिजल्ट का लंबे समय से प्रतीक्षित इंतजार जल्द खत्म होने की उम्मीद है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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